
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
विभूतिखंड इलाके के रोहतास प्रेसीडेंसियल में जाली दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। जमीन हड़पने वालों में क्रिएटर्स हब के संचालक स्वदेश कुमार मल्ल व उनके तीन अन्य साथी हैं। पीड़ित कारोबारी गुंजीत कालरा ने डीजीपी से गुहार लगाई थी। एडीसीपी पूर्वी ने मामले की जांच की। शुरुआती जांच में आरोप सही पाये जाने के बाद केस दर्ज किया गया है।
बाजरखाला, ऐशबाग रोड पर कारोबारी गुंजीत कालरा का मकान है। गुंजीत के मुताबिक, 2017 में रोहतास प्रेसिडेंसियल में 12,500 वर्ग फीट का भूखंड (टीजीसी 4/4) बुक कराया था। सालभर बाद गुंजीत ने गोरखपुर के क्रियेटर्स हब निदेशक वैभव प्रताप सिंह को जमीन 1.90 लाख रुपये प्रति माह पर पांच साल के लिए किराये पर दी।
अनुबंध में तय हुआ था कि बिना पूर्व अनुमति के दूसरे व्यक्ति को कंपनी में निदेशक नहीं बनाया जाएगा। पर, वैभव ने विकासखंड के स्वदेश को कंपनी में निदेशक बना दिया और जमीन का इस्तेमाल मनमाने तरीके से करने लगे।
दीवान फाइनेंस में रख दी गिरवी
गुंजीत के मुताबिक, पड़ताल में सामने आया कि रोहतास प्रोजेक्ट ने जमीन बेचने से पहले दीवान हाउसिंग फाइनेंस में गिरवी रखी थी। कुछ समय बाद दीवान हाउसिंग दूसरी कंपनी पीरामल कैपिटल लि. में समाहित हो गई। गुंजीत के मुताबिक दिसंबर, 2021 में नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल ने संपत्ति को बंधक मुक्त कर दिया।
इस पर संपत्ति को बेचने का अधिकार गुंजीत के पास आ गया। लेकिन हाउसिंग फर्म ने 27 जनवरी 2023 को संपत्ति को नीलाम कर दिया। इस दौरान स्वदेश ने फर्जी कागज तैयार कर मां वैष्णो इंफ्रा के नाम जमीन ले ली। इस फर्म में तन्मय मल्ल और बिंदू मल्ल को भी साझेदार दिखाया गया है।
