
संजय शेरपुरिया।
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महाठग संजय राय शेरपुरिया से बीते 13 दिनों से पूछताछ कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी उससे सच उगलवा पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शेरपुरिया से गुजरात में बेची गई संपत्तियों से मिली रकम को निवेश के बारे में हो रही पूछताछ बेनतीजा साबित हो रही है। अधिकारियों को शक है कि गुजरात में शेरपुरिया ने करीब 400 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। बैंकों से लिए गए कर्ज के जरिए जुटाई गई संपत्तियों को बेचने के बाद उसे विदेश में निवेश किया गया है।
बता दें कि संजय राय शेरपुरिया ने गुजरात में पांच कंपनियां बनाने के बाद बैंकों के कंर्सोटियम से करीब 400 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। बाद में उसने इस रकम से खरीदी गई संपत्तियों को बेचना शुरू कर दिया और खुद को दिवालिया घोषित कराने की कवायद में जुट गया। अपना कारोबार समेटने के बाद वह दिल्ली आ गया और गाजीपुर से चुनाव लड़ने की तैयारी करने लगा।
उद्योगपति गौरव डालमिया से ईडी का केस खत्म कराने के नाम पर छह करोड़ रुपये लेने के मामले में ईडी ने उस पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया। उसकी संपत्तियों का पता लगाने के लिए ईडी तीन बार उसकी रिमांड ले चुकी है। इसके बावजूद वह जांच अधिकारियों को सहयोग नहीं कर रहा है। जब उससे गुजरात में बेची गई संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई तो उसने सारा पैसा समाज सेवा से जुड़े कार्यों में खर्च करने की बात कही। अधिकारियों के मुताबिक अपनी संपत्तियों को बचाने के लिए लगातार गुमराह कर रहा है।
