
बृजेश और प्रभा
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यूपी एटीएस ने नक्सली गतिविधियों में लिप्त दंपती बृजेश कुशवाहा और प्रभा कुशवाहा को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। बृजेश को देवरिया और प्रभा को छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि एटीएस ने पांच जुलाई 2019 को नक्सली गिरोह के सदस्यों समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एटीएस ने मनीष श्रीवास्तव व अमिता श्रीवास्तव उर्फ वर्षा को गिरफ्तार किया था। जबकि बृजेश व प्रभा कुशवाहा समेत अन्य नामजद आरोपियों के कानपुर, देवरिया, कुशीनगर और भोपाल में उनके ठिकानों पर छापा मारकर सुबूत एकत्र किए थे।
एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि उस वक्त जांच में बृजेश और प्रभा के खिलाफ सुबूत नहीं मिले थे। ऐसे में उनको गिरफ्तार नहीं किया गया। हालांकि उनसे बरामद मोबाइल फोन व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था। हाल ही में वहां से प्राप्त रिपोर्ट के विश्लेषण में पता चला कि दोनों के मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्राॅनिक उपकरणों में प्रतिबंधित माओवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) व सीपीआई (माओवादी) के भारत सरकार का विरोध करने के लिए सशक्त पार्टी व संगठन का निर्माण करने का पत्र व साहित्य थे। पत्र में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का उल्लेख है। इन सुबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया है। अब ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाकर दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
बिलासपुर में हुई थी मुलाकात
जांच में पता चला कि बृजेश गोरखपुर से परास्नातक करने के बाद इंकलाबी छात्र सभा से जुड़ गया। वर्ष 2006 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में उसकी मुलाकात रायपुर निवासी प्रभा से हुई। दोनों ने वर्ष 2010 में शादी कर ली। दोनों मजदूर किसान एकता मंच व सावित्रीबाई फुले संघर्ष समिति से जुड़कर वामपंथी विचारधारा का समर्थन करने लगे। साथ ही इसकी आड़ में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हो गए।
