
Money
– फोटो : Istock
विस्तार
उप्र राजकीय निर्माण निगम के सहायक आंकिक के खिलाफ विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया है। निर्माण निगम की शामली इकाई में तैनात रहे सहायक आंकिक वीरेंद्र सिंह की वर्ष 2003 से 2020 के बीच की अवधि में जुटाई गयी संपत्तियों और खर्चों की शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने खुली जांच की थी। जांच में आय से 121 प्रतिशत अधिक व्यय किए जाने की पुष्टि होने पर विजिलेंस ने शासन ने मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी।
शासन ने वर्ष 2020 में शैखुलहिंद मौलाना हसन मेडिकल कॉलेज के निर्माण के दौरान तैनात रहे वीरेंद्र सिंह की संपत्तियों की खुली जांच के आदेश दिए थे। विजिलेंस ने 19 अप्रैल 2023 को अपनी जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में सामने आया था कि वीरेंद्र सिंह ने शामली में तैनात रहने के दौरान वर्ष 2003 से 2020 के बीच अपनी आय के समस्त वैध स्रोतों से कुल 51,18,879 रुपये अर्जित किए थे, जबकि इसी अवधि में उन्होंने संपत्तियां अर्जित करने और भरण पोषण में 1,13,16,731 रुपये व्यय किए।
इस तरह उन्होंने अपनी ज्ञात आय से 121 प्रतिशत अधिक व्यय किया। इस संबंध में जब विजिलेंस ने वीरेंद्र सिंह से जवाब-तलब किया, तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। तत्पश्चात विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजते हुए वीरेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने की अनुमति मांगी थी।
