
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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बालू, मौरंग, बजरी और बोल्डर उप खनिजों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए बाराबंकी में घाघरा और गोमती नदी के तल में उप खनिजों का सर्वे कराया जाएगा। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग और बाराबंकी के जिलाधिकारी ने सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।
विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने कहा कि बाराबंकी जिले में घाघरा व गोमती नदी के तल में स्थित उप खनिजों का पता लगाने के लिए सर्वे कराया जाएगा। घाघरा किनारे 7 व गोमती नदी किनारे के 2 क्षेत्रों में नदी तल में स्थित उप खनिजों की स्थिति का पता लगाया जाएगा। सर्वे से यह भी पता लगाया जाएगा कि पिछले कुछ वर्षों में नदियों के तल स्थित उप खनिजों की स्थिति में क्या बदलाव आए हैं।
कुल 47.53 हेक्टेयर क्षेत्र में होगा सर्वे
अनिल कुमार ने बताया कि घाघरा नदी में 34.91 और गोमती नदी में 12.62 हेक्टेयर जमीन सहित कुल 47.53 हेक्टेयर क्षेत्र को चिह्नित किया है। इन सभी क्षेत्रों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सर्वे करवाया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट को बाराबंकी के जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट की डीएसआर रिपोर्ट के तहत संकलित किया जाएगा। विभाग की ओर से नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशनल ट्रेनिंग (एनएबीईटी) व क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) से मान्यता प्राप्त एजेंसी को ही सर्वे कार्य सौंपा जाएगा।
14514 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से खर्च आने का अनुमान
नदी तल में उप खनिजों की स्थिति का पता लगाने के लिए चयनित फर्म को प्रति हेक्टेयर 14,514 रुपये प्रति दिए जाएंगे। सर्वे टेंडर के लिए ई-टेंडर पोर्टल पर 25 अक्तूबर से 1 नवंबर तक आवेदन किया जा सकता है। बाराबंकी के जिलाधिकारी और खनन विभाग इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
