
सांकेतिक तस्वीर
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सीएमओ के अधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत एक-एक करके 11 डॉक्टरों ने नौकरी छोड़ दी। ऐसे में पीएचसी बिना डॉक्टर चल रही है। पीएचसी पर तैनात दूसरे स्टॉफ मरीजों को दवा वितरण कर रहे हैं। डॉक्टरों के लगातार नौकरी छोड़ने से विभाग में खलबली है। इसके अलावा कई अन्य डॉक्टर भी नौकरी छोड़ने के पत्र भेजा है। स्वास्थ्य विभाग अब नए सिरे से डॉक्टरों की भर्ती की तैयारी किया है। डीएम से अनुमति मिलते ही डॉक्टरों को भर्ती किया जाएगा।
शहर में सीएओ के अधीन 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन हो रहा है। इसमें 11 पीएचसी एक-एक करके खाली हो गई है। यहां पर तैनात डॉक्टरों ने अलविदा विभाग को कहकर दूसरे संस्थानों का हाथ थाम लिया है। इसमें चौक रामनगर, जियामऊ, खदरा, बुद्वेश्वर समेत अन्य पीएचसी हैं। इसमें सात स्थाई डॉक्टर व पांच संविदा डॉक्टरों ने नौकरी छाेड़ दी है। इससे चिकित्सकीय कार्य बाधित हो रहा है।
पीएचसी पर डॉक्टर न होने से स्टॉफ नर्स व फार्मासिस्ट उसका संचालन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है स्थाई डॉक्टरों ने दूसरे बड़े संस्थानों में अपनी सेवाएं देने लिए नौकरी छोड़ी है जबकि संविदा पर कार्यरत डॉक्टरों ने कम वेतन व काम का लोड अधिक होने से अलविदा कहा है। ऐसे में मरीजों की परेशानी बढ़ी है। सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, जो भी पीएचसी खाली हैं वहां पर डॉक्टरों को भेजा जाएगा। इसके लिए वॉक इन इंटरव्यू कराने के लिए डीएम से अनुमति मांगी गई है।
