वीरेंद्र यादव कथा आलोचना में बराबर सक्रिय रहे। उनका जन्म 1950 में जौनपुर जिले में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में एमए किया था। छात्र जीवन से ही वामपंथी बौद्धिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय हिस्सेदारी शुरू कर दी थी।
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