
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में 25 फीसद दागी, जबकि 38 फीसद करोड़पति प्रत्याशी मैदान में हैं। बलिया से बसपा प्रत्याशी लल्लन सिंह यादव पर सर्वाधिक 22 मुकदमे दर्ज हैं, तो दूसरी ओर घोसी से सपा प्रत्याशी राजीव राय 49 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर हैं। हैरानी की बात यह है कि सातवें चरण में सभी सियासी दलों ने महज सात फीसद महिलाओं को ही टिकट दिया है। यानी पूर्वांचल की महिला शक्ति की आवाज इस बार संसद में कम सुनाई देगी।
यूपी इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने सातवें चरण की 13 सीटों से चुनाव लड़ने वाले सभी 144 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण करने के बाद अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। बता दें कि सातवें चरण में महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज में चुनाव होना है।
चुनाव लड़ रहे 144 प्रत्याशियों में से 36 (25 फीसद) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं, इनमें से 21 फीसद उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बसपा के 13 में से 5 (39 फीसद), भाजपा के 10 में से 3 (30 फीसद), सपा 9 में से 7 (78 फीसद), कांग्रेस के 4 में से 2 (50 फीसद) प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बलिया से बसपा प्रत्याशी लल्लन सिंह यादव पर सर्वाधिक 22 आपराधिक मामले दर्ज है, दूसरे नंबर पर वाराणसी के कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय हैं जिन पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीसरे नंबर पर राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्या हैं, जिन पर 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भाजपा, सपा, कांग्रेस के सारे प्रत्याशी करोड़पति
सातवें चरण में भाजपा, सपा, कांग्रेस, अपना दल (कमेरावादी) के सारे प्रत्याशी करोड़पति हैं। वहीं बसपा के 13 में से 7 (54 फीसद) प्रत्याशी करोड़पति हैं। सातवें चरण के उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 3.35 करोड़ रुपये है। एडीआर के राज्य संयोजक संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि घोसी से सपा प्रत्याशी राजीव राय के पास सबसे ज्यादा 49 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी रवि किशन (रवींद्र शुक्ला) की संपत्ति 43 करोड़ रुपये है। महाराजगंज से भाजपा प्रत्याशी पंकज चौधरी की संपत्ति करीब 41 करोड़ रुपये है।
57 फीसद प्रत्याशी स्नातक
सातवें चरण में 54 (38 फीसद) प्रत्याशियों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वीं के बीच घोषित की है। जबकि 82 (57 फीसद) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा घोषित की हैं। वहीं, तीन ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक घोषित की है। चार ने खुद को साक्षर बताया है, जबकि एक प्रत्याशी ने अपनी शैक्षिक योग्यता घोषित नहीं की है। प्रत्याशियों की आयु पर गौर करें तो 47 (33 फीसद) 25 से 40 वर्ष के बीच हैं, जबकि 69 (48 फीसद) की आयु 41 से 60 वर्ष के बीच है। इसके अलावा 28 (19 फीसद) प्रत्याशियों की आयु 61 से 80 वर्ष के बीच है।
