
केजीएमयू
– फोटो : amar ujala
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केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में बृहस्पतिवार दोपहर सड़क पर मरीज को लिटाकर इलाज मुहैया कराया गया। इस दौरान तीमारदार चादर से मरीज को ढके हुए थे। स्टॉफ मरीज की पेशाब नली में कैथेडर डाल रहा था। इस मसले की फोटो सोशल मीडिया पर वॉयरल हुई। इससे संस्थान की जमकर फजीहत हुई। केजीएमयू प्रशासन का कहना है मामले की जांच कराई जाएगी।
हरदोई निवासी दिनेश को यूरीन संबंधी दिक्कत है। परिजन पहले उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां से बुधवार को मरीज ट्रॉमा रेफर कर दिया गया। ट्रॉमा में उसका पंजीकरण कराया। डॉक्टरों ने मरीज को देखने बाद कुछ दवाएं लिखी। आरोप हैं कि मरीज को भर्ती नहीं किया। जबकि मरीज की हालत लगातार गंभीर थी। परिजनों ने बृहस्पतिवार दोपहर उसे ट्रॉमा ट्रॉयज एरिया के सामने पन्नी बिछाकर लिटा दिया। यूरीन रुकने से मरीज के पेट फूलने लगा। अफसर वहां से गुजरते रहे किसी की नजर जमीन पर पड़े मरीज पर नहीं गई।
ट्रायज एरिया से एक डॉक्टर ने पैरामेडिकल स्टाफ को मरीज को देखने के लिए भेजा। पैरामेडिकल स्टाफ ने मरीज की मदद की कोशिश की। कैथेटर लगाने की जरूरत बताई। परिवारीजन कैथेटर लेकर आए। जिसे पैरामेडिकल स्टाफ ने लगाया। उसके बाद मरीज का यूरीन से राहत मिली। इस दौरान किसी ने सड़क पर इलाज होने की फोटो सोशल मीडिया पर वॉयरल कर दी। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक, ट्रॉमा आने वाले सभी मरीजों को प्राथमिकता से इलाज मुहैया कराया जाता है। कहा मरीज सड़क पर कैसे लिटा दिया गया है, इसकी जांच होगी।
