Lucknow News: SP will finalize its candidates after seeing BJP's cards

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
– फोटो : PTI

विस्तार


सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय पर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ मंथन किया। संबंधित जिलों के पदाधिकारियों का आह्वान किया कि उपचुनाव में जीत के लिए जी-जान से जुटें, ताकि लोकसभा चुनाव में मिले नतीजों को आगे भी दोहराया जा सके। हालांकि, इस बैठक के बारे में आधिकारिक तौर पर सपा की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों का कहना है कि उपचुनाव में भाजपा के पत्ते देख सपा अपने प्रत्याशी फाइनल करेगी।

यूपी में शीघ्र ही विधानसभा की 10 रिक्त सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से एक सीट सीसामऊ (कानपुर) सपा विधायक इरफान सोलंकी को सजा होने से रिक्त हुई है, जबकि नौ विधायक अब लोकसभा सांसद बन चुके हैं। इनमें से पांच सीटें करहल, सीसामऊ, मिल्कीपुर, कटेहरी और कुंदरकी अभी सपा के पास थीं, जबकि खैर, गाजियाबाद और फूलपुर सीट भाजपा, मझवा निषाद पार्टी और मीरापुर रालोद ने जीती थी।

करहल सीट अखिलेश यादव के सांसद बनने से रिक्त हुई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यहां से अखिलेश परिवार के सदस्य व पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव को उतारा जाना करीब-करीब तय है। सपा के लिए सबसे अहम सीट अयोध्या की मिल्कीपुर है, क्योंकि फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा सीट को जीतना सपा देश में अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत कर रही है। मिल्कीपुर से सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत भी टिकट के दावेदार हैं। सूत्रों के मुताबिक, सपा नेतृत्व नहीं चाहता है कि अवधेश प्रसाद की जीत से बने माहौल को कोई नुकसान पहुंचे, इसलिए उनके बेटे के बजाय किसी अन्य को लड़ाने पर विचार किया जा रहा है। मिल्कीपुर सीट पर सपा के पास कई मजबूत दावेदार हैं।

कटेहरी सीट लालजी वर्मा के सांसद चुने जाने से खाली हुई है और उनकी बेटी छाया वर्मा को लड़ाने की चर्चाएं बीच में उठ रही हैं। लेकिन, पार्टी सूत्र बताते हैं कि वहां से किसी ब्राह्मण या मांझी दावेदार को मौका मिल सकता है। सीसामऊ से इरफान सोलंकी के परिवार के ही सदस्य को उतारा जा सकता है। इसके अलावा कानपुर से सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी की पत्नी वंदना वाजपेयी या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर भी विचार चल रहा है। कुंदरकी से तुर्क मुस्लिम को उतारा जाना करीब-करीब तय है।

सपा सूत्रों का कहना है कि भाजपा के प्रत्याशियों को देखते हुए पार्टी अपने जातिगत समीकरणों का आकलन करेगी और उसी के आधार पर अपनी रणभूमि सजाएगी। यही वजह है कि मीरापुर (मुजफ्फरनगर) सीट पर मुस्लिम, गुर्जर और जाट दावेदारों के नाम पर विचार किया जा रहा है। खैर (अलीगढ़) में निर्दल प्रत्याशी के रूप में अच्छा प्रदर्शन कर चुकीं एक नेता के नाम पर विचार चल रहा है। रालोद के एक नेता भी टिकट के लिए सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। फूलपुर से पटेल या कुशवाहा बिरादरी के नेता पर सपा दांव लगाएगी। मझवा (मिर्जापुर) में ब्राह्मण या बिंद बिरादरी के नेता को मौका मिल सकता है। गाजियाबाद में जाट और दलित समीकरणों पर विचार हो रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *