
एसटीएफ
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सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले की जांच कर रही एसटीएफ प्रिंटिंग प्रेस और ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों पर शिकंजा कसेगी। एसटीएफ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बयान दर्ज के आधार पर मुकदमे में नाम बढ़ाएगी। यदि इस मामले में कोई नया तथ्य सामने आता है कि तो नई एफआईआर दर्ज करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पेपर लीक होने के बाद जब एसटीएफ ने इस मामले की तह तक जाना शुरू किया तो प्रिंटिंग प्रेस और ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों की लापरवाही के प्रमाण मिलते चले गए। इसके बाद एसटीएफ ने अहमदाबाद की प्रिंटिंग प्रेस के संचालक को नोटिस भेजकर कई अहम बिंदुओं पर जानकारी मांगी। प्रिंटिंग प्रेस के संचालक ने एसटीएफ को इसका जवाब तो भेजा, लेकिन इसके बाद वह अमेरिका भाग गया और एसटीएफ के दोबारा मेल करने पर कोई जवाब नहीं दिया। इससे उसकी भूमिका संदेह के दायरे में आ चुकी है।
वहीं दूसरी और ट्रांसपोर्ट कंपनी के दो वर्तमान और एक पूर्व कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद उनके भी बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें उन्होंने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था की खामियों का जिक्र विस्तार से किया है। अब इसी आधार पर ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। एसटीएफ जल्द ही उनको बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजकर तलब करेगी।
