
चुनाव।
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लोकसभा चुनाव के साथ ही प्रदेश की चार विधान सभा सीटों पर उप चुनाव कराने जाने की घोषणा के बाद अब भाजपा और सपा में इन सीटों पर उम्मीदवारी को लेकर रस्साकसी तेज हो गई है। जिन चार सीटों में पर चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें तीन सीटों लखनऊ पूर्व, ददरौल (शाहजहांपुर) व दुद्धी सुरक्षित (सोनभद्र) पर भाजपा और एक सीट गैसड़ी (बलरामपुर) पर सपा का कब्जा था ।
बता दें कि लखनऊ पूर्व सीट से भाजपा विधायक रहे आशुतोष टंडन ‘गोपाल जी’, ददरौल से भाजपा विधायक रहे मानवेन्द्र सिंह और गैसड़ी सीट से सपा विधायक डॉ. शिव प्रताप यादव के निधन के बाद रिक्त हुई थी। जबकि दुद्धी से भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को रेप के एक केस में 25 साल की सजा होने की वजह से उनकी सदस्यता सदस्यता चली गई थी।
इस वजह से इन चारों सीटो को रिक्त घोषित कर दिया गया है। अब इन सीटों पर ही उप चुनाव होने हैं। लिहाजा साथ दोनों दलों में उम्मीदवारी को लेकर मंथन शुरू हो गया है। वहीं, इन सीटों पर चुनाव लड़ने के सभी संभावित दावेदार लखनऊ से लेकर दिल्ली से तार जोड़ने में जुट गए हैं।
भाजपा में सबसे अधिक होड़
इन सीटों पर उम्मीदवारी को लेकर सबसे अधिक रस्साकसी भाजपा में दिखाई दे रही है। खास तौर से लखनऊ पूर्व की सीट पर चुनाव लड़ने को लेकर होड़ है। सूत्रों की माने तो इस सीट के लिए प्रदेश संगठन की ओर से दिवंगत आशुतोष टंडन के भाई अमित टंडन और प्रदेश प्रवक्ता हीरो वाजपेई के नाम ही राष्ट्रीय संगठन को भेजे जाने की बात कही जा रही है।
हालांकि इस सीट पर ब्रज क्षेत्र के प्रभारी संतोष सिंह की भी प्रबल दावेदारी थी, लेकिन एमएलसी बनने के बाद उनकी दावेदारी स्वतः समाप्त हो गई है। ऐसे में अब सिर्फ दो लोगों के बीच ही टिकट को लेकर जोर-आजमाइश चल रही है। इसी प्रकार ददरौल सीट पर भी मानवेंद्र सिंह के बेटे अरविंद सिंह को चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
वहीं, दुद्धी सीट से रामदुलार के परिवार से तो अब तक किसी बी दावेदार का नाम सामने नहीं आया है। अलबत्ता जिले के स्थानीय दलित पदाधिकारियों में से ही किसी चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है। वहीं गैसड़ी सीट पर भी कब्जा करने के लिए भाजपा किसी दमदार उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
अगले सप्ताह हो साफ होगी पिक्चर
सूत्रों का कहना है कि विधानसभा की जिन सीटों पर उप चुनाव होने हैं उन पर लोकसभा चुनाव के साथ ही मतदान होंगे। यानि चौथे, पांचवे और सातवें चरण में चुनाव होने है, इसलिए भाजपा में प्रत्याशियों के चेहरे पर तस्वीर अगले सप्ताह तक साफ होने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि अभी तक सिर्फ लखनऊ पूर्व सीट के लिए ही उम्मीदवारों की सूची दिल्ली भेजी गई है। शेष तीन सीटों पर भी जल्द नाम तय करके भेजा जाएगा।
एसपी यादव के बेटे का चुनाव लड़ना तय
सूत्रों का कहना है कि गैसड़ी सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए सपा कोई चूक नहीं करना चाहती है। इसलिए डॉ. शिव प्रताप सिंह यादव के बेटे को ही चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि यदि सपा ने इसपर नया चेहरा उतारा तो लड़ाई कमजोर हो सकती है। इसलिए एसपी यादव के बेटे को ही उतार सहानूभूति का फायदा उठाने की रणनीति है। ऐसे में एसपी यादव के बेटे को ही चुनाव लड़या जाना तय माना जा रहा है।
