रायबरेली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले 14 कर्मचारियों के आश्रितों को जल्द ही 30-30 रुपये मुआवजा मिलेगा। मुआवजा देने के लिए प्रशासन ने 4.30 करोड़ की मांग की है। छह अन्य मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने के लिए शासन से पहले ही रुपये मांगे जा चुके हैं।
गत पंचायत चुनाव में 15 अप्रैल 2021 को मतदान और दो मई को मतगणना कराई गई थी। उस समय कोरोना का संक्रमण तेज था। चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना की चपेट में आने से कई कर्मचारियों की जान चली गई थी। ऐसे कर्मचारियों के आश्रितों को शासन ने 30-30 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी।
कोरोना से जान गंवाने वाले 62 कर्मचारियों के आश्रितों ने मुआवजे के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। जिले में कराई गई जांच में 42 कर्मचारियों की कोरोना से मौत की पुष्टि होने के बाद उनके आश्रितों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा दिया गया।
जांच में 20 कर्मचारियों के आश्रितों के आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। शासन के आदेश पर दोबारा कराई गई जांच में सभी 20 कर्मचारियों के आश्रित मुआवजे के हकदार पाए गए हैं। डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी ने पूर्व में छह आवेदनों को मुआवजा देने के लिए शासन से पैसों की मांग की।
इसके बाद शेष 14 मृतकों के आश्रितों को मुआवने की डीएम की संस्तुति के बाद सूची शासन को भेजकर बजट की मांगा गया है। जल्द ही आश्रितों को मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
इनसेट
इनके आश्रितों को मिलेगा मुआवजा
अमावां क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक अशोक सिंह, जगतपुर के सहायक हरिपाल, ऊंचाहार की मुख्य सेविका कमला तिवारी व ग्राम रोजगार सेवक योगेश कुमार, रोहनियां के वरिष्ठ सहायक रवींद्र सोनकर, छतोह के सहायक अध्यापक राममूर्ति, खीरों के प्रधानाध्यापक पुष्पलता मिश्रा, शिवगढ़ के सहायक अध्यापक गुड्डी देवी, बछरावां में अवर अभियंता सतीश कुमार, ऊंचाहार के पंप संचालक प्रवीण कुमार, एफजी कॉलेज के शिक्षामित्र जगजीवन, सुशीला देवी, खीरों के सहायक अध्यापक विजय पाल व सतांव क्षेत्र के सहायक अध्यापक एजाजुल गफूर की पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना से मौत होने पर मुआवजा देने की संस्तुति की गई है।
मांगा गया बजट
पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को 30-30 लाख मुआवजा देने की व्यवस्था है। अभी तक मुआवजे से वंचित 14 मृतकों के आश्रितों को भुगतान करने के लिए शासन से बजट मांगा गया है।
हर्षिता माथुर, डीएम
