रायबरेली। सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा की ऑडिट में जिले की 57 ग्राम पंचायतों में छह करोड़ से अधिक का गड़बड़झाला पकड़ में आया है। वर्ष 2021-22 में जिले की 57 ग्राम पंचायतों में धरातल पर काम नहीं मिला। पंचायतों में बजट तो खर्च कर दिया गया, लेकिन विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख नहीं मिले। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद पंचायतीराज विभाग में अफरातफरी मच गई है। संबंधित पंचायतों के 57 प्रधानों व 57 पंचायत सचिवों को अभिलेख उपलब्ध कराने का अंतिम मौका दिया गया है। ऐसा न करने पर वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

पंचायतीराज विभाग से ग्राम पंचायतों को हर साल करोड़ों रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाते हैं। विकास कार्य कराए जाने के बाद ऑडिट में हकीकत की जांच की जाती है। जिले में वर्ष 2021-22 में गांवों में कराए गए विकास कार्यों की ऑडिट सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा की टीम ने किया। जिले की 57 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

सड़क, नाली, खड़ंजा, हैंडपंप मरम्मत और रिबोरिंग सहित अन्य कार्यों के अभिलेख ग्राम पंचायतों में नहीं मिले। इन 57 पंचायतों में छह करोड़ से अधिक की गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं। सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा के जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने डीपीआरओ को संबंधित पंचायतों की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराई है। संबंधित पंचायतों के प्रधानों और तत्कालीन पंचायत सचिवों से अभिलेख उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर संबंधितों से वसूली की प्रक्रिया शुरू कराने की चेतावनी दी गई है।

ऑडिट में इन गांवों में मिली सबसे अधिक गड़बड़ी

ग्राम पंचायत/ब्लॉक धनराशि

अरखा/ऊंचाहार 48,03,000

चकचोरहिया/सरेनी 33,64,289

बारा/छतोह 30,93,394

हरीपुर/सरेनी 30,74,863

सांडा सैदन/सलोन 30,73,435

मीरजहांपुर/सलोन 30,01,843

कहिंजर/सरेनी 28,89,473

ममुनी/सलोन 28,60,510

कांटा/छतोह 27,73,332

रायपुर महेवा/सलोन 24,81,166

दरियापुर/सरेनी 23,86,459

बराडीह/सलोन 23,36,547

भवानीपुर/सलोन 21,43,273

गहरौली/सरेनी 21,76,026

राजापुरचकबीबी/सलोन 21,67,751

भोजपुर/सरेनी 21,07,994

करेमुआ/सलोन 20,32,000

मांगे गए अभिलेख

सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा की ऑडिट रिपोर्ट आई है। 57 पंचायतों में विकास कार्यों में गड़बड़ियां मिली हैं। संबंधित गांवों के प्रधानों व पंचायत सचिवों को अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभिलेख न आने पर वसूली की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।

– नवीन सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी



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