अंसल एपीआई कॉलोनी के लोगों को भी अब गृहकर देना होगा। अभी तक यहां से गृहकर नहीं लिया जा रहा था। करीब छह महीने पहले शासन से हाईटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप से जुड़ी संशोधित नियमावली पास हो चुकी है, जिसे लागू करने के लिए अब मंगलवार को होने वाली नगर निगम सदन की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद नगर निगम अंसल एपीआई में मकान, फ्लैट, होटल, मॉल, हास्पिटल, लॉन आदि से गृहकर वसूल कर सकेगा।
शासन से नियमावली पास होने से पहले अंसल एपीआई की ओर से यह कहकर गृहकर जमा करने से इन्कार किया जा रहा था कि हाईटेक नीति के तहत उसे गृहकर से छूट है, क्योंकि काॅलोनी अभी पूरी नहीं और नगर निगम को हैंडओवर नहीं है। दूसरी ओर नगर निगम अधिनियम की धारा 177 ज के तहत सीमा विस्तार के बाद जिन इलाकों में पानी, मार्ग प्रकाश और सड़क की सुविधा है, वहां पर शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल गृहकर वसूला जा सकता है। जिन नए इलाकों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां सीमा विस्तार के पांच साल बाद ही गृहकर लगाया जा सकता है।
2019 में नगर निगम का सीमा विस्तार होने पर अंसल एपीआई टाउनशिप भी दायरे में आ चुकी है। इसके बाद भी अंसल गृहकर जमा नहीं कर रहा था। यह विवाद मंडलायुक्त से लेकर शासन तक गया, मगर दबाव में मामला दब गया था। बीते अप्रैल में शासन ने कैबिनेट में यह प्रस्ताव पास किया है कि जो हाईटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप निकायों को हैंडओवर नहीं हैं, उनमें भी गृहकर और जलकर वसूला जा सकेगा, क्योंकि कई टाउनशिप ने समय से विकास कार्य पूरे नहीं किए हैं। इसके बाद अब अंसल एपीआई वालों को भी गृहकर देना होगा। इसे लेकर अब नगर निगम सदन में नियमावली को अंगीकार करने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है।
नगर निगम को मिलेंगे करीब 50 करोड़
अंसल में मकान, फ्लैट और व्यावसायिक भवनों को मिलाकर 8595 संपत्तियां हैं। यहां करीब 10 बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। पिछले वित्तीय वर्षों में अंसल की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों पर करीब 35 करोड़ रुपये और चालू वित्तीय वर्ष का करीब 15 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इस तरह यहां से करीब 50 करोड़ रुपये गृहकर मिलेगा।
पांच साल की मियाद पूरी, कॉलोनी अब तक अधूरी
अंसल एपीआई को सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस 2005 में दिया गया था। उसे पांच साल में टाउनशिप विकसित करके निकाय को हैंडओवर करना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 2023 में संशोधित लेआउट पास करते हुए अंसल को पांच अप्रैल 2028 तक का समय दिया गया है। इसी की आड़ लेकर अंसल गृहकर जमा नहीं कर रहा था। प्रस्ताव के तहत जो सेक्टर विकसित होंगे, वहां 2020 से और जो विकसित नहीं होंगे वहां 2024 से गृहकर लगाया जाएगा।
दिसंबर 2020 से लिया जाएगा गृहकर
नगर निगम की ओर से तैयार किए प्रस्ताव के तहत विस्तारित इलाकों में दिसंबर 2020 से गृहकर वसूल किए जाने का नियम बनाया गया है। अंसल में करीब छह हजार मकान-फ्लैट हैं। इनके अलावा लुलु मॉल, सेंट्रल होटल, डैमसन होटल, कंफर्ट इन होटल आदि बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। सभी पर करीब 35 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। अंसल में आने वाला एक मात्र मेदांता अस्पताल ही है, जो टैक्स जमा कर रहा है।
