दलालों के माध्यम से मौरंग, गिट्टी, बालू के ओवरलोड ट्रकों का संचालन करने वाले सिंडिकेट का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने एक दलाल और डंपर चालक को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है। अक्तूबर में लखनऊ से 45 हजार से अधिक ओवरलोड वाहन गुजरे। प्रवर्तन टीम ने इनमें से सिर्फ 51 ओवरलोड वाहनों का चालान किया व 31 वाहन सीज किए।
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों की जिम्मेदारी सड़कों पर आवेरलोड ट्रकों, बसों व अन्य वाहनों पर कार्रवाई करने की है। हालांकि, इसे सही से नहीं निभाया जा रहा है। इसके पीछे अफसरों की अपनी दलीले हैं। स्टाफ की कमी से लेकर वाहनों को बंद करने के लिए यार्ड का अभाव का तर्क दिया जाता है।
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अक्तूबर में परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम ने लखनऊ में 51 ओवरलोडेड वाहनों का चालान किया। इनमें से 31 वाहनों को ही सीज किया गया। इसके अलावा 51 ओवरलोड वाहनों से अधिक माल उतारा गया, जो 231 टन रहा। जिन वाहनों का चालान किया गया, उनसे जुर्माने के रूप में 13.08 लाख रुपये वसूले गए।
सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में कानपुर, सीतापुर, अयोध्या, सुल्तानपुर व हरदोई रूट से रोजाना आने-जाने वाले ओवरलोडेड वाहनों की संख्या 1500 के आसपास है। इस हिसाब से एक महीने में 45 हजार से अधिक वाहन लखनऊ के रास्ते ओवरलोड सामान के साथ गुजर गए, लेकिन अफसरों को ये नजर नहीं आए।
