महाशिवरात्रि पर बाबा के दरबार तक पहुंचने की राह श्रद्धालुओं के लिए कठिन हो गई है। काशी से उज्जैन, देवघर जाने वाली ट्रेनों के किसी श्रेणी में जगह नहीं है। दिल्ली, बिहार, लखनऊ, गोरखपुर से बनारस आने वाली ट्रेनों में अधिकांश में सीटें नहीं हैं। वाराणसी और बनारस रेलवे स्टेशन पर शनिवार से सोमवार तक हर दिन दो लाख लोगों के आने का अनुमान है।
यात्रियों की सुविधा के लिए जगह-जगह आरपीएफ जवान के साथ ही रेलवे कर्मचारी तैनात रहेंगे। रविवार को महाशिवरात्रि है। इस दिन बाबा का जलाभिषेक करने बहुत से लोग उज्जैन, देवघर सहित अन्य शिवालयों पर परिवार के साथ जाते हैं।
स्थिति यह है कि वाराणसी से उज्जैन जाने वाली गोरखपुर अहमदाबाद एक्सप्रेस में 14 फरवरी को किसी भी श्रेणी में कोई सीट नहीं है जबकि स्लीपर, थर्ड एसी में 15 से 20 फरवरी तक रिग्रेट यानी जगह नहीं बची है। जबकि एसी प्रथम, द्वितीय श्रेणी में वेटिंग लिस्ट 10 से 15 है।
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गोरखपुर से वाराणसी आने वाली 12166 एलटीटी एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 150 से अधिक हो गई है जबकि एसी में 20 वेटिंग है। 15004 चौरीचौरा एक्सप्रेस में 14-15 फरवरी को स्लीपर में कोई जगह नहीं है, बाकी श्रेणी में वेटिंग लिस्ट लंबी है। बिहार के डेहरी आन सोन, सासाराम, भभुआ से आने वाली 13151 कोलकाता जम्मूतवी एक्सप्रेस में 14 से 18 फरवरी तक कोई जगह नहीं है। 13009 दून एक्सप्रेस में सीट नहीं बची है। हालांकि वाराणसी से देवघर जाने के लिए 14 फरवरी को कोई सीधी ट्रेन नहीं है।
