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Mahakumbh 2025
– फोटो : PTI
सुबह के करीब छह बजे थे। अमृत स्नान के लिए सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के संत संगम नोज के लिए निकल चुके थे। यह वह वक्त था, जब 80 लाख के करीब श्रद्धालु मेले में प्रवेश कर चुके थे और संगम अपर मार्ग होते हुए तेजी से संगम की ओर बढ़ रहे थे।
हालात यह हुए कि संगम नोज टवर नंबर एक से 100 मीटर पहले ही अखाड़ा मार्ग पर बैरिकेडिंग तोड़कर श्रद्धालु अखाड़ा मार्ग पर आ गए। यह देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। बाद में आईटीबीपी के जवानों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर सुरक्षा घेरा बनाया और फिर सभी ने राहत की सांस ली।
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स्नान पर्व पर संगम स्नान को सुबह तीन बजे उमड़ा आस्था का जन सैलाब
– फोटो : शिव त्रिपाठी
मकर संक्रांति पर भीड़ उमड़ेगी, लेकिन तड़के ही श्रद्धालुओं की संख्या 80 लाख को पार कर जाएगी। इसका अंदाजा किसी ने नहीं लगाया था। यही वजह रही कि अखाड़ों के साधु-संतों के अमृत स्नान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किए गए सारे इंतजाम धरे रह गए।
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स्नान पर्व पर संगम स्नान को सुबह तीन बजे उमड़ा आस्था का जन सैलाब
– फोटो : शिव त्रिपाठी
नहीं टिक सकी बैरिकेडिंग
संगम पर उमड़े आस्थावानों के ज्वार के आगे अखाड़ों के अमृत स्नान के लिए निर्धारित मार्ग की बैरिकेडिंग टिक नहीं सकी। टावर नंबर वन के पास स्थित मोड़ से लेकर संगम नोज तक कम से कम 10 जगहों से बैरिकेडिंग तोड़कर श्रद्धालुओं की भीड़ आगे बढ़ गई।
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स्नान पर्व पर अमृत स्नान से पहले जयकारा लगाते श्रद्धालु
– फोटो : शिव त्रिपाठी
श्रद्धालुओं ने साधु-संतों के छुए पांव
श्रद्धालु अखाड़ा मार्ग से आगे तो बढ़े ही, संगम नोज के बाएं साइड में घाट पर पहुंचकर स्नान किया। साथ ही अखाड़ों के साधु-संतों के पांव भी छुए। संतों ने भी उन्हें निराश नहीं किया।
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स्नान पर्व पर संगम स्नान को सुबह तीन बजे उमड़ा आस्था का जन सैलाब
– फोटो : शिव त्रिपाठी
आमतौर पर संगम स्नान के लिए जाते वक्त थोड़े भी व्यवधान से नाराज होने वाले साधु-संत मंगलवार को अलग ही रूप में नजर आए। न सिर्फ स्नान के बाद, बल्कि संगम स्नान के लिए जाते वक्त भी कई नागा साधुओं ने रास्ते में रुककर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।