{“_id”:”678b2ca12a090cbdb60b9119″,”slug”:”mahakumbh-2025-qr-codes-on-pillars-uniting-separated-people-2025-01-18″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Mahakumbh 2025 : बिछड़ों को मिला रहे खंभों पर लगे क्यूआर कोड, जीआईएस मैपिंग के जरिये हो रहा अपनों से मिलन”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब। – फोटो : शिव त्रिपाठी
विस्तार
महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की मदद के लिए ऊर्जा विभाग ने नई रणनीति अपनाई है। विभिन्न स्थानों पर लगे खंभों पर जीआईएस आधारित क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इस कोड की मदद से श्रद्धालु अपने बिछड़े परिजनों से पुनः मिल रहे हैं। खोए सामान को भी प्राप्त करने का यह साधन बना है।
Trending Videos
ऊर्जा विभाग ने इस बार महाकुंभ में करीब 50 हजार से अधिक बिजली के खंभों पर जीआईएस मैपिंग आधारित भौगोलिक जगह चिह्नित करके क्यूआर कोड लगाए हैं। हर खंभे को एक संख्या दी गई है। खंभे की संख्या बताने से उसकी लोकेशन यानी जगह मालूम पड़ जाती है। मेले में यदि आपका कोई भी प्रिय व्यक्ति बिछड़ गया हो या अन्य कोई समस्या हो तो पुलिस-प्रशासन के नजदीक के सहायता काउंटर अथवा हेल्पलाइन पर खंभे की संख्या बताने पर मदद मिल रही है।
यह भी है व्यवस्था
यह भी व्यवस्था है कि उसे अपने स्मार्ट फोन से कोड को स्कैन करने से एक फॉर्म खुलेगा, उसमें अपना नाम, फोन नंबर और समस्या भरकर सबमिट करने पर प्रशासन संबंधित व्यक्ति तक स्वतः पहुच रहा है और मदद कर रहा है। अभी तक देश-विदेश से आए हुए करीब पांच हजार से अधिक तीर्थ-यात्रियों ने इस तकनीक का लाभ लिया है।