कोतवाली चरखारी के गुढ़ा गांव में खेत पर बने मकान में सो रहे वृद्ध की अंगोछा से गला दबाने के बाद ईंट-पत्थर से कूंचकर हत्या कर दी गई। सुबह जब परिजन पहुंचे तो उसका शव खून से लथपथ मिला। सूचना पर कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पहुंच जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए। परिजनोंं ने अभी तहरीर नहीं दी है।
गुढ़ा गांव निवासी लालदिवान राजपूत (75) खेती करते थे। वह खेत पर ही बने मकान में रहते थे। बेटे हरनारायण व भागवली परिवार समेत गांव में रहते हैं। शुक्रवार की रात लालदिवान की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। गले में अंगोछे का फंदा लगा मिला और सिर पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया। सुबह करीब नौ बजे जब बड़ा बेटा हरनारायण पिता को खाना देने पहुंचा तो पिता को खून से लथपथ देख उसके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाल प्रवीण कुमार सिंह पुलिस बल व फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की बारीकी से जांच के बाद जल्द खुलासे का भरोसा दिया गया।
बड़े बेटे हरनारायण ने बताया कि गांव में किसी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। पिता के पास 60 बीघा जमीन थी। उन्होंने पांच साल पहले 19 बीघा भूमि बेचकर रुपये दोनों पुत्रों को बांट दिए थे। दस-दस बीघा भूमि भी उसके और भाई के नाम कर दी थी। हत्या किसने और क्यों की, यह किसी की समझ नहीं आ रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह का कहना है कि गुढ़ा गांव में एक व्यक्ति के मृत होने की सूचना मिली थी। पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जांच की। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही घटना का अनावरण किया जाएगा।
बेटे पर ही घूम रही शक की सुई
खेत में अकेले रह रहे वृद्ध की ईंट-पत्थर से कूंचकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस के शक की सुई छोटे बेटे पर घूम रही है। बताया जा रहा है कि लालदिवान की पत्नी रामकुमारी का दो साल पहले निधन हो गया था। तब से वह अकेले रहता था। दोनों बेटे एक-एक माह पिता को भोजन देते थे। इस महीने बड़े बेटे हरनारायण का नंबर था। बताया जा रहा है कि छोटा बेटा भागवली अक्सर पिता से विवाद करता था। उसे आशंका रहती थी कि पिता पूरी जमीन बड़े बेटे के नाम न कर दें। पुलिस प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। घटना का जल्द पर्दाफाश होने की उम्मीद है।
