विकासखंड जैतपुर की ग्राम पंचायत बुधवारा व इंद्रहटा की गोशालाओं में ठंड से बचाव के इंतजाम न होने और गोवंशों के मृत पाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। हिंदू संगठनों के धरने के बाद दोनों ग्राम पंचायतों के सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। एडीएम ने दो दिन में मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया।
ग्राम पंचायत इंद्रहटा में गोशाला के पास गोवंशों के मृत और कंकाल मिलने पर हिंदू संगठनों ने हंगामा किया था। कार्रवाई न होने पर शुक्रवार को जिलेभर के हिंदू संगठन लामबंद हो गए। विहिप, बजरंग दल, शिवसेना आदि के दो सैकड़ा से अधिक पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ, सचिव और ग्राम प्रधानों के खिलाफ एफआईआर की मांग की। एडीएम कुंवर पंकज व अपर एसपी वंदना सिंह ने पदाधिकारियों को समझाया। उन्होंने सचिवों के निलंबन और मामले की जांच का भरोसा दिया। पदाधिकारियों ने दो दिन में एफआईआर कराने की बात कही, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
हिंदू संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने जांच कराई। एसडीएम कुलपहाड़ ने बुधवारा गोशाला का निरीक्षण किया, जहां ठंड से बचाव के कोई प्रबंध नहीं मिले और कंकाल पाए गए। सचिव दीपक कुमार को निलंबित किया गया। इंद्रहटा गोशाला में अभिलेखों में 115 गोवंश थे, पर मौके पर 113 मिले।
चार मृत गोवंश सात से आठ दिन पुराने मिले, जिनका पोस्टमार्टम कराया गया। सड़क किनारे 13 कंकाल व आठ मृत गोवंश मिले। यहां के सचिव अनस मतीन को भी निलंबित किया गया। जिला विकास अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि ठंड से बचाव के इंतजाम न करने और उदासीनता पर दोनों सचिवों को निलंबित किया गया है।
