मंडी परिषद की ओर से उरवारा गांव में सड़क बना रहे ठेकेदार को दबंगों ने पीट दिया। मामले में पुलिस ने एक नामजद समेत तीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस सड़क की खराब गुणवत्ता का वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैक्टर से जुताई करा दी गई थी। तभी से इस मामले में गहमागहमी का माहौल चल रहा है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से उरवारा गांव से ननौरा गांव तक 35 लाख रुपये की लागत से सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। इस सड़क के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और कारपेट की तरह सड़क हाथ से उखड़ रही थी। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अमर उजाला ने मुद्दे को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया तो मंडी परिषद के निर्माण खंड के डिप्टी डायरेक्टर रामनरेश सोनकर ने इस सड़क पर ट्रैक्टर से जुताई करा दी थी। इसके साथ ही निर्माण कार्य के ठेकेदार आवेश तिवारी पर डेढ़ लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई थी। अब इस हिस्से में डामरीकरण के बजाय इंटरलॉकिंग कराई जा रही है।
ठेकेदार आवेश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि मंगलवार को गांव में काम चल रहा था। कुछ लोगों ने मौके पर आकर काम रुकवा दिया और इंटरलॉकिंग उखाड़ दी। सूचना पर थाना श्रीनगर से एक दरोगा को साथ लेकर ठेकेदार आवेश और साझेदार अरुण सिंह उरवारा गांव पहुंचे। दरोगा मामले की छानबीन के लिए गांव में गए। तभी मौके पर आए प्रदीप सिंह ने अपने साथियों के साथ आवेश पर डंडे से हमला कर दिया। घटना के बाद थाने में शिकायत की गई। आवेश ने बताया कि प्रदीप सिंह आदि ने ही सड़क का वीडियो वायरल किया था और काम करने के लिए दो लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। मना करने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया। उधर, थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह का कहना है कि मारपीट दोनों तरफ से की गई है। जांच की जा रही है। घायल को डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
