अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने बताया कि ट्रेनों के माध्यम से नाबालिग बच्चों को बालश्रम कराने के बहाने तस्करी कर दूसरे राज्यों में ले जाने की सूचना मिल रही थी। इसी क्रम में पुलिस की ओर से रेलवे स्टेशनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी। सूत्रों ने जानकारी दी कि एक व्यक्ति कुछ नाबालिग बच्चों को तस्करी कर ले जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम गठित की गई और चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचकर गांधी धाम एक्सप्रेस ट्रेन के कोच संख्या एस-6 की तलाशी ली गई। इस दौरान पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर स्थित खड़ाबाड़ी निवासी सैफुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से चार बच्चों को मुक्त कराया गया। बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार राजकीय बालगृह (बालक) मोहान रोड पारा भेजा गया है।
मुक्त कराए गए नाबालिगों ने बताया कि वे सभी गुजरात की अर्चिट प्लाईबोर्ड कंपनी की फैक्टरी में काम करने के लिए सैफुद्दीन के साथ जा रहे थे। सभी को काम करने के लिए प्रतिदिन 700 से 800 रुपये देने की बात कही गई थी। आरोपी ने सभी का यात्रा टिकट भी कराया था। एडीसीपी अपराध का कहना है कि संबंधित विभागों के समन्वय से आगे की प्रक्रिया की जा रही है। बच्चों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। परिजनों के आने के बाद बच्चों को उनके हवाले कर दिया जाएगा।
