उरई। आग से झुलसे राजमिस्त्री की उपचार के दौरान मौत हो गई। वह बहन के यहां गया था। वहीं, संदिग्ध हालात में आग से झुलस जाने पर परिजन उसका इलाज करवा रहे थे। उन्होंने भांजों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच में जुटी है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़र गांव निवासी भगवान सिंह (45) राजमिस्त्री का काम करता था। परिजनों ने बताया कि 21 दिसंबर की शाम को जालौन कोतवाली क्षेत्र के वीरपुरा गांव निवासी उसके भांजे खेत में मटर टूटने की बात कहकर अपने साथ ले गए थे। लोगों ने बताया कि सभी ने मिलकर खेत पर शराब पी। इसी दौरान भगवान सिंह संदिग्ध हालात में आग से झुलस गया।
उसके भांजे उसे जली अवस्था में घर पर छोड़ गए। परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे यहां से उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए। इलाज में आराम न मिलने पर शनिवार को परिजन भगवान सिंह को घर लाए तो रात में उनकी मौत हो गई। बेटे जीतू का आरोप है कि पिता के भांजों ने उनके शरीर में आग लगाकर हत्या की है।
बताया कि मां की मौत करीब दस वर्ष पहले ही हो चुकी है। कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह का कहना है कि जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी।
