कासगंज। बच्चे को जन्म देने वाली माताओं के सम्मान के लिए सात वर्ष से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना दो विभागों के फेर में उलझ गई है। स्वास्थ्य विभाग से इस योजना का काम वापस ले लिया है। जबकि बाल विकास विभाग आठ माह बाद भी काम शुरू नहीं कर सका है। इससे माताओं को सम्मान मिलना तो दूर, पंजीकरण तक ठप है।

मातृवंदना योजना वर्ष 2017 में शुरू हुई। इस योजना के तहत पहली संतान पर लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया, लेकिन वर्ष 2023 में योजना में बदलाव किया गया। इसके तहत दूसरी संतान कन्या होने पर भी लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई। इस बदलाव के चलते मार्च 2023 में पोर्टल को बंद कर दिया गया। योजना में बदलाव के बाद पहली संतान पर दो किस्तों में पांच हजार रुपये तथा दूसरी संतान बालिका होने पर एक किस्त में छह हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई है।

इस योजना के पोर्टल को 2.0 नाम देकर 15 अक्तूबर 2023 को दुबारा से चालू किया गया। इसके बाद लांच किए गए नए पोर्टल में दिक्कत आने से आवेदन करने में भी बाधा आती रही, इससे वित्तीय वर्ष में 2948 लोग ही आवेदन कर सके। 29 मार्च 2024 को इस योजना को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया। योजना के हस्तांतरण में पोर्टल बंद हो गया।

इसके चलते शासन स्तर से धन का हस्तांतरण भी नहीं किया जा सका, इससे 2948 आवेदन भुगतान के लिए अधर में हैं। शासन से बाल विकास विभाग को लॉगइन आईडी उपलब्ध करा दी गई है। मुख्य सेविकाओं को जुलाई माह में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक महिलाओं के आवेदन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

जिले में हुए आवेदन की स्थिति

2017-18 – 1719

2018-19 – 8674

2019-20 -10118

2020-21- 10163

2021-22 -7577

2022-23- 5658

2023-24-

पहले बच्चे के लिए अब तक हुए कुल आवेदन -2168

दूसरे बच्चे के लिए पंजीकरण का लक्ष्य- 1780

2024-25-शून्य

मातृ वंदना योजना के तहत पोर्टल पर फीड डाटा में संशोधन का कार्य चल रहा है। इसके लिए जो डाटा मांगा गया है उसे भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही पोर्टल शुरू होने की उम्मीद है।- सुशीला, डीपीओ



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