संगम की रेती पर माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या के मौके पर रविवार को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी संगम तट पर मौन का जनसमुद्र उमड़ पड़ा। घने कोहरे व कड़ाके की सर्दी के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही साधु-संतों के साथ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते रहे। दिन में धूप खिली तो करीब 11 बजे हेलिकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।
संगम सहित 24 घाटों पर शनिवार से शुरू हुए स्नान का क्रम रविवार तक चलता रहा। कोहरा छंटने के साथ भीड़ बढ़ती गई। श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ संगम नोज, दशाश्वामेध घाट, राम घाट, काली घाट, कल्पवासी घाट के साथ अरैल, झूंसी और फाफामऊ घाटों पर रही। शाम चार बजे तक 3.80 करोड़ लोग संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके थे। प्रशासन ने अनुमान जताया कि यह आंकड़ा पांच करोड़ के पार जाएगा।
वहीं, एक दिन पहले शनिवार को ही डेढ़ करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे। वहीं, मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। इस दौरान जिले के आला अफसर भ्रमणशील रहे। इसमें कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम मनीष कुमार वर्मा, मेला अधिकारी ऋषिराज, आईजी पीएसी अतुल शर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस कमिश्नर डॉ. अजय पाल शर्मा, एसपी मेला नीरज पांडेय सहित अन्य अफसर शामिल रहे।
