Mayawati speaks on removing restriction on government officials going to RSS branch.

बसपा सुप्रीमो मायावती।
– फोटो : amar ujala

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखाओं में जाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देशहित से परे और राजनीति से प्रेरित है। यह निर्णय संघ के लोगों का तुष्टिकरण करने वाला है। जिसका मकसद भाजपा सरकार व संघ के बीच लोकसभा चुनाव के बाद बनी दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कहा कि सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस की शाखाओं में जाने पर 58 वर्ष से जारी प्रतिबंध को हटाने का केन्द्र का निर्णय देशहित से परे, राजनीति से प्रेरित संघ तुष्टीकरण का निर्णय, ताकि सरकारी नीतियों व इनके अहंकारी रवैयों आदि को लेकर लोकसभा चुनाव के बाद दोनों के बीच तीव्र हुई तल्खी दूर हो।

 सरकारी कर्मचारियों को संविधान व कानून के दायरे में रहकर निष्पक्षता के साथ जनहित व जनकल्याण में कार्य करना जरूरी होता है जबकि कई बार प्रतिबन्धित रहे आरएसएस की गतिविधियाँ काफी राजनीतिक ही नहीं बल्कि पार्टी विशेष के लिए चुनावी भी रही हैं। ऐसे में यह निर्णय अनुचित, तुरन्त वापस हो।

बत दें कि सरकारी कर्मचारियों पर बीते 58 साल से आरएसएस की शाखाओं में जाने पर प्रतिबंध लगा हुआ था जिसे सरकार ने हटा दिया।





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