
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
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जिस फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर बसपा ने पहला सांसद बनाया, उस लोकसभा में बसपा का जनाधार 33 बूथ पर शून्य हो गया। लोकसभा चुनाव में 10 साल में फतेहपुर सीकरी में पहले से तीसरे नंबर पर आई बसपा के प्रत्याशी रामनिवास शर्मा को 498 बूथ पर केवल एक अंक में ही वोट मिल पाया। इनमें ज्यादातर बूथों पर केवल एकमात्र पोलिंग एजेंट ने ही पार्टी प्रत्याशी को वोट दिया।
हर चुनाव में फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर पहले या दूसरे नंबर पर रही बसपा इस बार तीसरे स्थान पर पहुंच गई। बसपा प्रत्याशी रामनिवास शर्मा को सीकरी लोकसभा के फतेहाबाद विधानसभा में 12 मतदेय स्थल ऐसे रहे, जहां शून्य वोट रहा। यहां पोलिंग एजेंट तक ने बसपा प्रत्याशी को वोट नहीं दिया, वहीं फतेहाबाद के 132 बूथ पर रामनिवास शर्मा के हाथी को सिर्फ एक अंक में ही वोट मिल पाया। इनमें भी 25 बूथ पर केवल एक वोट मिला तो 29 बूथ पर सिर्फ दो वोट से ही बसपा प्रत्याशी को संतोष करना पड़ा। जिन गांवों में बसपा को शून्य मिला, उनमें प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राजकुमार चाहर और कांग्रेस सपा गठबंधन के रामनाथ सिकरवार को बंपर मतदान हुआ। प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों को 556 वोट तक मिले, पर बसपा का खाता तक नहीं खुला।
