meritorious students got medal in punarvas university convocation

पुनर्वास विवि के दीक्षांत समारोह में मेडल पाकर उत्साहित छात्राएं।

लखनऊ। मेधा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती है। फिर चाहे शारीरिक बाधा हो या आर्थिक, एक दिन वह निखरकर सामने आती ही है। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में ऐसे ही मेधावियों की स्वर्णिम आभा नजर आई। समारोह में सामान्य के साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों ने भी पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

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समारोह में विभिन्न संकायों के कुल 1615 विद्यार्थियों (772 छात्राएं एवं 843 छात्र) को डिग्री प्रदान की गई। इनमें से 130 मेधावी विद्यार्थियों को 159 पदकों से अलंकृत किया गया। इनमें 101 पदक छात्राओं तथा 58 पदक छात्रों को मिले। चिन्मय शुक्ला को कुलाध्यक्ष, मुख्यमंत्री और कुलपति स्वर्ण पदक दिया गया। इसके साथ ही पहली बार शुभम सिंह के रूप में किसी डेफ (बधिर) विद्यार्थी को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ। शुभम ने एमएड-एचआई में यह पदक हासिल किया। इसी तरह पहली बार शिवजी पांडा के रूप में किसी डेफ (बधिर) छात्र को पीएचडी उपाधि प्रदान की गई।

शिवजी ने श्रवणबाधितार्थ विभाग से डॉ. कौशल शर्मा के अधीन शोधकार्य किया। समारोह में देश के पहले पैरा ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता पद्मश्री मुरलीकांत राजाराम पेटकर ने दीक्षांत भाषण दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अध्यक्षता की। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के मंत्री नरेंद्र कश्यप मौजूद थे। कुलपति प्रो. संजय सिंह ने सभी को शुभकामनाएं दीं।

सामान्य व दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग हों पदक : राज्यपाल

समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सामान्य और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पदक होने चाहिए। दिव्यांग विद्यार्थियों को सामान्य से अधिक मेहतर करनी पड़ती है। इन विद्यार्थियों के साथ ही इनके माता-पिता भी बेहद मेहनत करते हैं, तब जाकर कोई दिव्यांग विद्यार्थी यहां तक आ पाता है। राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजिलॉकर में अपलोड कीं और जल्द ही अंकतालिकाएं भी इसमें अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि मुरलीकांत राजाराम पेटकर के जीवन पर आधारित फिल्म चंदू चैंपियन सभी विद्यार्थियों को दिखाने के लिए कहा, ताकि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

विश्वविद्यालय में बने स्विमिंग पूल : पेटकर

मुख्य अतिथि पद्मश्री मुरलीकांत राजाराम पेटकर ने पदक विजेताओं और डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी और जीवन में कभी हार न मानने की सीख दी। उन्होंने विवि में विभिन्न स्पोर्ट्स सुविधाओं की तारीफ करते हुए एक स्विमिंग पूल बनाने की अपील भी की। उनकी अपील पर मंत्री नरेंद्र ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए इस दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना पदक भी दिखाया।



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