आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है लेकिन कुछ आयकर दाताओं ने रिटर्न नहीं भरा है। ऐसे लोग अब आइटीआर यू भरेंगे लेकिन रिफंड का दावा नहीं कर सकते हैं। कर निर्धारण वर्ष 2025-26 का आयकर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी लेकिन काफी संख्या में करदाता समय से अपना आयकर रिटर्न नहीं भर सके हैं।
आयकर एवं जीएसटी के अधिवक्ता गौरव गुप्ता का कहना है कि ऐसे करदाता आईटीआर यू के तहत अपना आयकर रिटर्न अब भी भर सकते हैं। इसके अतिरिक्त करदाता 2021-22 से कर निर्धारण वर्ष 2024-25 का भी आयकर रिटर्न आईटीआर यू के माध्यम से दाखिल कर सकते हैं।
यदि कोई करदाता अपने आयकर रिटर्न में बदलाव करना चाहता है और अपनी आय बढ़ा कर दिखाना चाहता है तो अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा। यदि कोई करदाता अपने पिछले रिटर्न्स में अपनी आय में कमी करना चाहता है तो ऐसा नहीं किया जा सकता है। आईटीआर यू के तहत रिफंड का दावा नही किया जा सकता है।
बहुत सारे करदाता ऐसे हैं जिनका टीडीएस कटा हुआ है लेकिन उन्होंने अपना आयकर रिटर्न 31 दिसंबर तक नही भरा है, ऐसे करदाताओं को रिफंड अब नही मिलेगा। आयकर रिटर्न भरने से पूर्व करदाता को अपना फॉर्म 26 एस और एआईएस अवश्य चेक कर लेना चाहिए।
कर निर्धारण वर्ष 2021-22 में पांच लाख से अधिक आय होने पर पांच हजार लेट फीस और कुल कर दायित्व का 70 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा। कर निर्धारण वर्ष 2022-23 में पांच लाख से अधिक आय होने पर पांच हजार लेट फीस सहित कुल कर दायित्व का 60 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
इसी प्रकार 2023-24 में पांच हजार लेट फीस के साथ कुल कर दायित्व का 50 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा। इन वर्षों में यदि आय पांच लाख से कम है तो सिर्फ एक हजार की लेट फीस देनी होगी।
