दिनों दिन चांदी की कीमतें आसमान पर पहुंचने से मुरादाबाद के सिल्वर कोटेड (चांदी की मोटी परत वाले पीतल) उत्पादों का निर्यात जमीन पर आ गया है। 15 साल पहले की तुलना में अब चांदी की कोटिंग वाले आइटम से बड़ी संख्या में निर्यातकों ने दूरी बना ली है। जानकार बताते हैं कि सौ में से 85 निर्यातकों ने यह काम छोड़कर दूसरे उत्पाद पकड़ लिए हैं।
मुरादाबाद से वर्ष 2010 में सिल्वर कोटेड उत्पादों का सालाना निर्यात एक हजार करोड़ रुपये के आसपास था। पहले पीतल की महंगाई और फिर चांदी की बढ़ती कीमतों ने निर्यात कारोबार की चमक घटा दी। चांदी के दामों में लगातार उछाल से निर्यातकों के विदेशी सौदे के समय तय हुईं कीमतें अब कई गुना बढ़ गई हैं।
