ठाकुरद्वारा के तहसीलदार प्रवीण कुमार द्वारा अवैध खनन की रोकथाम के सफर में भाजपा नेता की गाड़ी के इस्तेमाल को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। भाजपा का झंडा लगी गाड़ी से उतरते तहसीलदार का वीडियो वायरल होने पर डीएम अनुज सिंह ने प्रवीण कुमार का वेतन रोकते हुए एडीएम फाइनेंस को मामले की जांच सौंप दी।
एडीएम फाइनेंस ममता मालवीय ने बताया कि जांच के क्रम में ठाकुरद्वारा के तहसीलदार को सोमवार को तलब किया है। बयान दर्ज किए जाएंगे। तहसीलदार के कारनामे का वीडियो दो दिन से वायरल है। तहसीलदार ने बताया कि नो एंट्री में काशीपुर (उत्तराखंड) से खनन के डंपर आने की सूचना पर वह चेकिंग के लिए निकले थे। चेकिंग में दो डंपर पकड़ लिए थे।
तहसीलदार के मुताबिक कार्रवाई के बाद लौटते समय उनकी सरकारी गाड़ी कोहरे में पेड़ से टकरा गई। इस दौरान वहां से गुजर रही एक गाड़ी से लिफ्ट ली थी। उसी गाड़ी पर भाजपा का झंडा लगा था। इस मामले में वह डीएम से मुलाकात करके अपनी सफाई पेश कर चुके हैं। दूसरी ओर भाजपा की झंडा लगी गाड़ी का खनन जैसे संवेदनशील मामले में इस्तेमाल इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रकरण संज्ञान में आने पर डीएम ने तहसीलदार प्रवीण कुमार का वेतन रोक दिया। डीएम के निर्देश पर एडीएम फाइनेंस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को मुरादाबाद में पेश होकर तहसीलदार को बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इस मामले में तहसीलदार पर गाज गिरना लगभग तय है।
