छजलैट थाना क्षेत्र के नजराजा गांव निवासी पच्चीस वर्षीय छात्रा ने मां के डांटने से नाराज होकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। वह बीएससी करने के बाद रेलवे विभाग में नौकरी के लिए तैयारी कर रही थी। बृहस्पतिवार की देर रात करीब दो बजे उसका शव पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हकीमपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। ट्रेन से कटकर जान देने वाली शीतल पाल ने पिछले साल बीएससी उत्तीर्ण की थी और अब रेलवे में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रही थी। वह अगवानपुर स्थित लाइब्रेरी में रोजाना पढ़ाई करने जाती थी। शीतल के पिता इमरत सिंह की तीन साल पहले मृत्यु हो गई थी।
परिवार में शीतल की मां सावित्री, तीन बड़ी बहन और बड़ा भाई है। वह भाई बहनों में सबसे छोटी थी। भाई पिंटू पाल ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह शीतल से मां ने घरेलू काम करने के लिए कह दिया था। शीतल ने काम करने से मना कर दिया। इसी बात पर मां ने उसे डांट दिया था। इसके बाद वह अपना बैग और बाइक लेकर घर से निकल गई थी।
परिजन समझ रहे थे कि वह लाइब्रेरी चली गई है लेकिन देर शाम तक वह लाइब्रेरी से वापस नहीं आई। उसके मोबाइल पर कॉल नहीं जा रही थी। रात करीब दो बजे हकीमपुर रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर एक युवती की लाश मिली। इसकी जानकारी मिलने पर पाकबड़ा, मझोला और छजलैट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पता चला कि जहां लाश पड़ी है वह क्षेत्र पाकबड़ा थाने में आता है। पुलिस ने आस पड़ोस तलाश की तो युवती की बाइक खड़ी मिली गई और पास में ही बैग पड़ा था। बैग में रजिस्टर में लिखे नाम से उसकी पहचान हुई। इसकी जानकारी मिलने पर परिजन भी आ गए। सीओ हाईवे राजेश कुमार ने बताया कि मां के डांटने से नाराज होकर घर से निकलने की बात सामने आई है।
