लखनऊ। पैगंबर मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश की पूर्व संध्या पर रविवार को फिजाओं में दुरूद-ओ-सलाम की सदाएं गूंजती रहीं। शहर की मस्जिदों में रोशनी की गई। शहर में कई जगहों पर आयोजित ईद मीलादउन्नबी के जलसों में बारगाहे रिसालत में नजराना-ए-अकीदत पेश की जाती रही।
पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा सल्ल. की दुनिया में आमद की खुुशी में पुराने शहर में जश्न का माहौल रहा। जश्न में डूबे लोगों ने मस्जिदों, इबादतगाहों और घरों को झालरों से रोशन किया। नबी की विलादत का जश्न मनाने और मुबारकबाद देने का सिलसिला रात भर चलता रहा। मरकजी मीलादउन्नबी कमेटी की ओर से अमीनाबाद झंडे वाला पार्क में जश्न-ए-मीलादउन्नबी और मुशायरे का आयोजन हुआ। अय्यूब लखनवी, कलीम नईमी, रहमत लखनवी, हसनैन राजोलवी, जुबैर इब्ने सैफी आदि शायरों ने कलाम पेश किए। जलसे में ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मौलाना कौसर नदवी, मौलाना जहांगीर आलम कासमी, मौलाना डा. फरमान नदवी और प्रो. नोमान ने इस्लाम में महिलाओं, पड़ोसियों को मिले अधिकारों पर रोशनी डाली।
मरकजी मीलाद कमेटी कमेटी ने चौक पुरानी सब्जी मंडी में जश्न-ए-खैरुल बशर का आयोजन किया। इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि नबी रहमत और मोहब्बत के पैकर थे। मौलाना अनीस अहमद नदवी, मुश्ताक नदवी और सुफियान निजामी ने खिताब किया। जलसे के बाद नातिया मुशायरा हुआ।
इस्लामिया डिग्री काॅलेज में जलसे का आगाज तिलावते कलाम पाक से हुआ। स्मारिका का विमोचन स्वागत समिति के अध्यक्ष जाकिर अली एडवोकेट ने किया। मीनाई एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से दरगाह मख्दूम शाहमीना शाह में पीरजादा शेख राशिद अली मीनाई ने खिताब किया।
एक मीनारा मस्जिद में कारी मोहम्मद सिद्दीक ने खिताब किया। बज्म ए खवातीन की ओर से अमीनाबाद स्थित जनाना पार्क में जलसे में अध्यक्ष बेगम शहनाज सिदरत ने कहा कि अल्लाह के नबी ने दुनिया में आने के बाद समाज में गैर बराबरी को खत्म किया। कुर्सी रोड स्थित मिश्रपुर में अमजदिया फाउंडेशन की ओर से सद्भावना दिवस मनाया गया।
