Most of the hand pumps and high masts are damaged, followers will face problems

बौद्ध तपोस्थली में खराब पड़े हैंडपंप। 

कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में 23 मई को बुद्ध पूर्णिमा मनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बौद्ध मठ व मंदिरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं विनियमित क्षेत्र होने के बावजूद यहां आने वाले अनुयायियों को बगैर बिजली-पानी रुकना पड़ेगा।

बुद्ध पूर्णिमा का बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में विशेष महत्व है। 23 मई को मनाई जाने वाली बुद्ध पूर्णिमा के लिए बौद्ध मठ व मंदिरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके विपरीत प्रशासनिक उपेक्षा से बौद्ध तपोस्थली में लगे ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं। जबकि तपोस्थली को रोशन करने के लिए लगाई गईं सोडियम व स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। जिनकी मरम्मत के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने कई बार विनियमित क्षेत्र के प्रभारी व एसडीएम इकौना से मांग की पर समस्या दूर नहीं हो पाई। ऐसे में बुद्ध पूर्णिमा पर आने वाले बौद्ध अनुयायियों को बूंद-बूंद पानी की समस्या के साथ अंधेरे में ही मार्ग किनारे रात गुजारनी पड़ सकती है।

छाया में ही रुकते हैं अनुयायी

बुद्ध पूर्णिमा पर पूर्वांचल सहित महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से प्रतिवर्ष हजारों बौद्ध अनुयायी श्रावस्ती आते हैं। जो कई-कई दिनों तक तपोस्थली में छायादार स्थान पर टेंट आदि लगा कर रुकते हैं। ऐसे में खराब हैंडपंप व स्ट्रीट लाइटें उनकी समस्या बढ़ा सकती हैं। जिस पर ध्यान न देने से बौद्ध भिक्षुओं में नाराजगी है।

सबसे हुई शिकायत, किसी नहीं सुना दर्द

बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में रोजाना विभिन्न देशों से अनुयायी आते रहते हैं। जिन्हें अक्सर भ्रमण के दौरान पेयजल की तलाश में भटकना पड़ता है। बौद्ध भिक्षु देवेंद्र ने बताया कि आसपास बाजार न होने से लोग खरीदकर भी पानी नहीं पी पाते हैं। वहीं भिक्षु आनंद सागर बताते हैं कि श्रीलंका मंदिर के सामने लगा हैंडपंप कई माह से खराब है। यही स्थिति कई अन्य स्थानों पर लगे हैंडपंपों की भी है। जिनके खराब होने से यहां आने वाले विदेशी मेहमानों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। भिक्षु श्रद्धालोक बताते हैं कि तपोस्थली में खराब हैंडपंपों व स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए बीडीओ सहित अन्य अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है पर कोई समाधान नहीं हुआ।

विनियमित क्षेत्र में खराब हैंडपंपों के रिबोर कराने की जिम्मेदारी जल निगम की है। जिसे अपने स्तर से समस्या दूर करना चाहिए। बौद्ध भिक्षुओं को जो भी समस्या है उसकी लिखित शिकायत करें। समस्या का समाधान कराया जाएगा।

– ओमप्रकाश, एसडीएम



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