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suicide in pratapgarh
– फोटो : अमर उजाला
पति की गलत प्रवृत्ति के बाद भी दुर्गेश्वरी अपने बेटे रौनक, बेटी उजाला, लक्ष्मी और सास सुनीता के साथ हंसी खुशी जीवन व्यतीत करने की कोशिश करती रही। शुक्रवार को दिन भर तीनों बच्चों को दादी सुनीता दुलारती रही। लेकिन 12 घंटे के भीतर ही रौनक के बिना घर का आंगन सूना हो गया था। लक्ष्मी व उजाला की किलकारी भी सदा के लिए खामोश हो चुकी थी। मासूम बच्चों संग बहू का शव देख सास-ससुर दहाड़ मारकर रोते रहे। आसपास के लोगों के आंसू भी नहीं थम रहे थे।
हृदय विदारक घटना के बारे में सुनकर आसपास के गांव संग कटरामेदनीगंज नगर पंचायत के लोग भदोही पहुंचते रहे। भारी भीड़ जुटती देख मानधाता, रानीगंज और कोतवाली देहात की फोर्स मौके पर बुला ली गई।
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घटना के बाद बिलखते परिजन।
– फोटो : संवाद।
जब साड़ी से गला कसने लगी सुनीता
सीआरपीएफ से दरोगा के पद से सेवानिवृत्त राम बरन के दो बेटियां ममता और नेहा हैं। शनिवार को घटना की जानकारी मिलने पर छोटी बेटी नेहा रोते-बिलखते घर पहुंची। अपनी भाभी और बच्चों का शव देखने के लिए रोती रही। बेटी को सामने देख सुनीता बोल पड़ी कि अब वह जीकर क्या करेगी। साड़ी से अपना गला कसने लगी। किसी तरह महिला सिपाही और आसपास के लोगों ने उसे संभाला। पति रामबरन उसे समझाते हुए बोल पड़ा कि वह कैसे जिंदा रहेंगे।
बहन बोली- जीजा को फांसी पर लटकाया जाए
दुर्गेश्वरी और बच्चों के मौत की खबर सुनने केहो भी बाद मायके से पिता जगदंबा प्रसाद, पत्नी पुष्पा, बेटी राजेश्वरी, छोटी बेटी लवली व बेटे भाष्कर और चंद्रशेखर के साथ मॉर्चरी पहुंचे, जहां बच्चों व बहन का शव देख लवली रोते हुए आरोपी (जीजा) को फांसी पर लटकाने की मांग करती रही।
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तीनों मासूम बच्चों के फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
प्रतापगढ़ के भदोही में रामबरन के घर तीन बच्चों की किलकारियां सदा के लिए शांत हो गई। बहू भी नहीं रही। शनिवार को घर से केवल रोने-चीखने आवाजें आ रही थीं। वजह उनका बेटा है, जिसकी जिंदगी बनाने में उन्होंने क्या नहीं किया। अच्छी शिक्षा दिलवाने की कोशिश की, लेकिन वह पढ़ नहीं पाया। नशे का आदी हो गया। सोचा शादी कर दें, अपना परिवार होगा तो सुधर जाएगा। पर दुर्भाग्य ने साथ नहीं छोड़ा।
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दुर्गेश्वरी का फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
सीआरपीएफ से दरोगा के पद से सेवानिवृत्त रामबरन का इकलौते बेटे संदीप की शादी 10 नवंबर 2022 को अंतू के मवैया टिकई का पुरवा की रहने वाली दुर्गेश्वरी से की थी। 17 अगस्त 2023 को प्राइवेट अस्पताल में दुर्गेश्वरी ने तीन बच्चों को एक साथ जन्म दिया। एक माह तक तीनों बच्चों को आईसीयू में रखना पड़ा था। रामबरन ने बच्चों के इलाज में 20 लाख से अधिक रुपये भी खर्च किए। काफी दिनों तक कोमल मायके में ही रही। दो माह पहले वह मायके से ससुराल आई थी।