
MP Danish Ali
– फोटो : अमर उजाला
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संसद में जोरदार तरीके से अपनी बात रखने के लिए मशहूर सांसद कुंवर दानिश अली के निलंबन से अमरोहा के साथ-साथ मुरादाबाद लोकसभा सीट की भी सियासी तस्वीर बदलेगी। दानिश मुरादाबाद को अपना नया सियासी ठिकाना बना सकते हैं। ऐसा हुआ तो दोनों लोकसभा सीटों पर राजनीतिक उथल पुथल मचना तय है।
अमरोहा में बसपा को नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। अमरोहा में बसपा के साथ-साथ सपा में नए दावेदारों के नाम बढ़ सकते हैं। वहीं दानिश के मुरादाबाद से ताल ठोकने की स्थिति में बनी तो सपा और कांग्रेस के टिकट के दावेदारों को अपना पैंतरा बदलना पड़ेगा।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा और बसपा का गठबंधन था। मंडल की छह लोकसभा सीटों में तीन पर बसपा और तीन पर सपा ने अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे। इस गठबंधन के आगे भाजपा को मंडल में मुंह की खानी पड़ी थी। प्रदेश में गठबंधन ने मुरादाबाद मंडल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था।
बसपा ने अमरोहा, बिजनौर और नगीना लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। वहीं मुरादाबाद, संभल और रामपुर लोकसभा सीट पर सपा ने जीत का परचम लहराया था। सियासी उतार चढ़ाव के बीच बसपा ने सांसद दानिश अली को निलंबित कर दिया है। जिसे लेकर मंडल में सियासी हलचल बढ़ गई है।
