– तीन फर्मों ने डाली निविदा, आज खोली जाएगी… 24 दुकानों के लिए आए नौ टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शहर की पहली मल्टीलेवल कार पार्किंग इसी महीने शुरू हो सकती है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत पार्किंग के संचालन के लिए शुक्रवार तक निविदा डालने का मौका दिया गया था। तीन फर्मों ने निविदा डाली है। साथ ही यहां बनीं 24 दुकानों के लिए भी नौ टेंडर आए हैं। जल्द ही तकनीकी और वित्तीय बिड खोली जाएगी।
नगर निगम के ठीक बगल में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाई गई है। यहां पर 200 कार खड़ी हो सकती हैं। इसका लोकार्पण मार्च 2024 में हो चुका है। उसके बाद आचार संहिता लग जाने से टेंडर प्रक्रिया में देरी हो गई थी। आचार संहिता हटने के बाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने पार्किंग के संचालन का टेंडर निकाला था। मगर किसी ने भी निविदा नहीं डाली थी।
हाल ही में दूसरी बार पार्किंग के संचालन की निविदा निकाली गई थी। शुक्रवार की शाम छह बजे तक टेंडर डालने की समयसीमा थी। निर्धारित समय तक मल्टीलेवल कार पार्किंग के लिए तीन फर्मों ने निविदा डाली है। वहीं, पार्किंग के भूतल पर 24 दुकानें भी बनाई गई हैं। इसके लिए नौ लोगों ने टेंडर डाला है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ सत्य प्रकाश का कहना है कि अब अब टेंडर डालने वाली फर्मों के दस्तावेजों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद वित्तीय बिड खोली जाएगी। सितंबर में ही मल्टीलेवल कार पार्किंग शुरू होने की संभावना है।
क्लैफ की बैठक ये हुआ था निर्णय
कुछ समय पहले नगर निगम में सिटी लेवल एडवाइजरी फोरम (क्लैफ) की बैठक हुई थी। इसमें निर्णय हुआ था कि मल्टी लेवल कार पार्किंग के भूतल पर बनीं सभी दुकानों के लिए टेंडर नहीं आता है तो फिर टेंडर निकाला जाएगा। फिर अलग-अलग दुकानों का टेंडर नहीं निकलेगा। बल्कि, किसी एक व्यक्ति को सभी दुकानों के संचालन का टेंडर दिया जाएगा। चूंकि, अभी 24 दुकानों के लिए नौ टेंडर आए हैं। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि इन लोगों ने एक-एक दुकानों के लिए टेंडर डाला है या फिर एक व्यक्ति ने कई दुकानों के लिए निविदा डाली है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
किसी ने नहीं दिखाई रुचि
कार पार्किंग और दुकानों के अलावा स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इंक्यूबेशन सेंटर में बनी दुकानों को 25 साल के लिए देने का भी टेंडर निकाला था। मगर किसी ने रुचि नहीं दिखाई है। वहीं, स्पेस म्यूजियम और मेजर ध्यानचंद म्यूजियम के पास बनी कैंटीन के लिए भी किसी ने टेंडर नहीं डाला है। इसके अलावा भारतीय और विदेशी पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की सैर कराने के लिए पांच ई-वाहनों के संचालन के लिए भी कोई टेंडर नहीं आया है।
