
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नगर आयुक्त को सम्मानित किया।
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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में झांसी नगर निगम ने तीसरा स्थान हासिल किया है। शनिवार को जयपुर में हुए कार्यक्रम में राजस्थान के सीएम और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने नगर आयुक्त को सम्मानित किया। 25 लाख का चेक भी सौंपा।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय गुणवत्ता और सुधार के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु प्रदूषण कार्यक्रम चला रहा है। इसके तहत हर साल स्वच्छ वायु सर्वेक्षण किया जाता है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु प्रदूषण के लिए नगर निगम को नोडल विभाग नामित किया गया है। कार्यक्रम के तहत महानगर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए जिला स्तरीय टीम ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार की थी।
शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए आईआईटी कानपुर की टीम ने सर्वे किया था। सर्वे रिपोर्ट में बताया था कि महानगर में प्रदूषण का मुख्य कारण धूल है। शहर के बीचों-बीच में ऐसे हॉटस्पॉट भी चिह्नित किए गए, जहां पर ट्रैफिक ज्यादा रहता है और बहुत धूल उड़ती है।
इसके बाद प्रदूषण कम करने का काम शुरू हुआ। जहां-जहां की सड़कें कच्ची थीं, उन्हें पक्का किया गया। मियावाकी पद्धति से पांच वन क्षेत्र बनाने का काम शुरू हुआ। इसमें जीआईसी, गुलाम गौस खां पार्क और बीयू के परीक्षा भवन के पास मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए जा चुके हैं। 18000 स्क्वॉयर मीटर में 10500 स्क्वॉयर मीटर में पौधरोपण का काम पूरा हो चुका है।
इसका परिणाम रहा कि पिछले साल से शहर की वायु गुणवत्ता में 19 फीसदी का सुधार हुआ है। वर्ष 2023-24 में सर्वेक्षण में देश के 131 शहरों ने हिस्सा लिया था। इसमें तीन से 10 लाख आबादी वाले शहरों में झांसी का तीसरा स्थान आया है। शनिवार को जयपुर में हुए कार्यक्रम में राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने नगर आयुक्त सत्य प्रकाश को सम्मानित किया। 25 लाख का चेक भी सौंपा।
