लखनऊ। संपत्ति का नामांतरण कराने वालों को अब नगर निगम को कम शुल्क देना होगा। यह करीब छह गुना तक कम हो गया है। नगर निगम कार्यकारिणी की मंगलवार को हुई बैठक में शुल्क कम करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। खास बात है कि इसे बुधवार से लागू भी कर दिया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा।
पहले बैठक की कार्यवाही रिपोर्ट जारी होने के बाद फैसला लागू होता था। इसमें 15-20 दिन का वक्त लग जाता था। इससे अब उन 500 से अधिक लोगों को भी शुल्क कम होने का फायदा मिल जाएगा, जिन्होंने पहले से आवेदन किया है, मगर अभी शुल्क जमा नहीं किया है।
नगर निगम अभी तक संपत्ति की कीमत का एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क लेता था। पुरानी व्यवस्था में 60 लाख रुपये की संपत्ति होती तो नामांतरण शुल्क 60 हजार रुपये देना पड़ता था। इसे कम करने का प्रस्ताव नगर निगम ने बनाया था। एक महीने पहले हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में नामांतरण शुल्क अधिकतम 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव भी पास हुआ था। पर, जब नामांतरण को लेकर संपत्ति की कीमत के आधार पर स्लैब बनाया गया तो उसमें अधिकतम शुल्क 15 हजार रुपये कर दिया गया।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा तो कम हुआ शुल्क
नगर निगम ने स्लैब के आधार पर जो प्रस्ताव तैयार किया था अगर वह लागू होता तो 30 लाख रुपये से अधिक संपत्ति के मामलों में 15 हजार रुपये तक शुल्क देना पड़ा। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से उठाया। इसका असर यह हुआ कि 10 हजार रुपये से ज्यादा वाले स्लैब को समाप्त कर दिया गया। अब 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली संपत्तियों का भी नामांतरण शुल्क 10 हजार रुपये ही लिया जाएगा।
बैनामा के आधार पर अब इतना नामांतरण शुल्क देना होगा
पांच लाख रुपये कीमत तक की संपत्ति पर-3500 रुपये
5 लाख से अधिक से और 10 लाख रुपये तक-5500 रुपये
10 से अधिक और 20 लाख रुपये कीमत तक-7500 रुपये
20 लाख से अधिक और 30 लाख रुपये कीमत तक-9500 रुपये
30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली सभी संपत्तियों पर -10000 रुपये
रक्त संबंध, वसीयत, पारिवारिक समझौता, बंटवारा के आधार पर संपत्ति का नामांतरण शुल्क-5000 रुपये
ऑटो-टैंपो, ई-रिक्शा संचालन नियमावली को मंजूरी, तीन महीने में हो जाएगी लागू
कार्यकारिणी ने ऑटो, टैंपो और ई-रिक्शा संचालन नियमावली को पास कर दिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर इसे तीन महीने में लागू किया जाएगा। स्टैंड संचालन के पुराने प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया है। वहीं, स्टैंड संचालन के एवज में प्रति ऑटो, टैंपो, ई-रिक्शा से 20 रुपये शुल्क वसूलने के लिए संयुक्त मोर्चा को पूर्व में दी गई अनुमति को भी निरस्त कर दिया गया है। ऐसे में जब तक नई नियमावली का गजट नोटिफिकेशन नहीं होगा, शुल्क की वसूली नहीं की जाएगी। नई नियमावली में स्टैंड संचालन का काम ठेके पर दिया जाएगा।
लाइसेंस शुल्क इतना लिया जाएगा
निजी ई-रिक्शा ड्राइवर सहित 5 सवारी वाला-800 रुपये
निजी ई-रिक्शा भार वाहन-800 रुपये
ई-रिक्शा चालक (सवारी व भार) लाइसेंस -200 रुपये
किराए पर दिए जाने वाले 5 सवारी वाला ई-रिक्शा -800 रुपये
किराए पर दिए जाने वाला 6 सवारी वाले टैंपो-1000 रुपये
टैंपो चालक लाइसेंस -800 रुपये
(नोट- लाइसेंस शुल्क वार्षिक है)
