Muzaffarnagar। डिजिटल युग में जहां इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, वहीं साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी के मद्देनजर एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के बीसीए विभाग में एक विशेष “साइबर अपराध जागरूकता कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को ऑनलाइन खतरों के प्रति सतर्क करना और डिजिटल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देना था।
इस कार्यशाला में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संदीप मित्तल, बीसीए विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव तायल, कार्यक्रम समन्वयक हर्षिता, संकाय सदस्य रोबिन गर्ग, वैभव वत्स, अनुज गोयल, चंदना दीक्षित, हिमांशु, हर्षित, देवेश भारद्वाज, श्वेता, राहुल, रोबिन मलिक, निरंकार और मोहित गोयल सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
🚨 डिजिटल युग में बढ़ता साइबर अपराध: छात्रों को किया गया सतर्क
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ. संदीप मित्तल के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने बताया कि आज के समय में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बन चुका है। डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग ने हमें सुविधा तो दी है, लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की चोरी, साइबर बुलिंग, हैकिंग जैसे अपराध भी बढ़ गए हैं।
उन्होंने कहा,
“साइबर अपराधों से बचने के लिए हमें इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करना चाहिए और सतर्कता बरतनी चाहिए।”
इसके बाद बीसीए विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव तायल ने साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे बड़े व्यवसायों, सरकारी संस्थानों और आम नागरिकों के लिए भी साइबर हमले एक बड़ा खतरा बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए हमें निम्नलिखित उपाय अपनाने चाहिए:
✔️ मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और उसे नियमित रूप से बदलें।
✔️ दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) को सक्रिय करें।
✔️ संदिग्ध ईमेल और लिंक पर क्लिक करने से बचें।
✔️ एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर और फ़ायरवॉल का उपयोग करें।
✔️ सार्वजनिक वाई-फाई पर संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें।
🔎 साइबर अपराध की वास्तविक घटनाओं से मिली सीख
कार्यक्रम समन्वयक हर्षिता ने छात्रों को साइबर अपराध से जुड़े वास्तविक मामलों के बारे में बताया, जिससे उन्हें समझ आया कि कैसे अनजाने में लोग साइबर अपराधियों का शिकार बन जाते हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में एक कॉलेज छात्र के बैंक खाते से ऑनलाइन ठगी के जरिए ₹50,000 की रकम निकाल ली गई थी। छात्र को एक फिशिंग ईमेल मिला था, जिसमें एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उसकी सारी बैंक जानकारी चोरी हो गई।
इसके अलावा, एक अन्य मामले में एक छात्रा के सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर उसका दुरुपयोग किया गया। उसने कमजोर पासवर्ड और सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग किया था, जिससे हैकर्स ने उसका अकाउंट आसानी से एक्सेस कर लिया।
“ऐसे मामलों से सीख लेते हुए हमें सतर्क रहना चाहिए और अपनी डिजिटल जानकारी को सुरक्षित रखना चाहिए।” – हर्षिता
📢 साइबर अपराध से बचाव के लिए उठाए गए कदम
भारत सरकार और साइबर सेल द्वारा साइबर अपराधों से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ महत्वपूर्ण उपाय इस प्रकार हैं:
🔹 साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (1930) – ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए।
🔹 cybercrime.gov.in – साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करने के लिए आधिकारिक पोर्टल।
🔹 “डिजिटल इंडिया” अभियान के तहत साइबर सुरक्षा पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम।
🔹 बैंकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा साइबर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन।
सरकार के साथ-साथ आम नागरिकों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे साइबर अपराधों से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सही कदम उठाएं।
📜 छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण टिप्स
कार्यशाला में मौजूद छात्रों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब इस प्रकार हैं:
❓ सवाल: अगर किसी का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाए तो क्या करना चाहिए?
✅ जवाब: तुरंत पासवर्ड बदलें, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) सक्रिय करें और संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करें।
❓ सवाल: क्या पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करना सुरक्षित है?
✅ जवाब: नहीं, सार्वजनिक वाई-फाई पर संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये आसानी से हैक हो सकते हैं।
❓ सवाल: साइबर ठगी से पैसे वापस कैसे मिल सकते हैं?
✅ जवाब: तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर कॉल करें और बैंक को सूचना दें।
🎯 कार्यशाला का निष्कर्ष और छात्रों की प्रतिक्रियाएं
इस कार्यशाला में छात्रों को साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। उन्होंने इस कार्यक्रम को बेहद उपयोगी और जानकारीपूर्ण बताया।
छात्रों ने कहा:
“अब हम साइबर अपराधों के बारे में ज्यादा सतर्क हैं और अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतेंगे।”
कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी छात्रों और संकाय सदस्यों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
एसडी कॉलेज में आयोजित यह साइबर अपराध जागरूकता कार्यशाला छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। डिजिटल युग में इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों से सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।
आइए, साइबर सुरक्षा को अपनाएं और डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाएं!
