जनपद Muzaffarnagar में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान ने संगठन विस्तार और मंदिर आधारित सामाजिक-आर्थिक मॉडल को लेकर व्यापक योजनाओं की घोषणा की। इस अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति आलोक स्वरूप को संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा उद्योगपति अभिनव स्वरूप को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। साथ ही श्रवण अग्रवाल  को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।

भोपा रोड स्थित आलोक स्वरूप के आवास पर आयोजित इस प्रेस वार्ता में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री Sanjay Sharma ने आगामी योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया और मंदिरों को सामाजिक परिवर्तन का केंद्र बनाने की दिशा में संगठन की रणनीति साझा की। 🏛️


मंदिरों को बनाया जाएगा सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र

प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि संगठन का उद्देश्य मंदिरों को केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनाना है। इस दिशा में “मंदिर आधारित मॉडल” को एक व्यापक राष्ट्रीय पहल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

संगठन का मानना है कि भारतीय समाज की ऐतिहासिक संरचना में मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं रहे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और आर्थिक सहयोग के केंद्र के रूप में भी कार्य करते रहे हैं। इसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप देने की योजना तैयार की गई है।


मंदिर परिसरों में स्वदेशी उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा

राष्ट्रीय महामंत्री संजय शर्मा ने बताया कि आगामी समय में मंदिर परिसरों में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए “शाश्वत बाजार” नाम से एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और लघु उद्योगों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का प्रयास होगा।

इस पहल का उद्देश्य ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना को मजबूत करना और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना बताया गया।


मंदिरों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की भी योजना

संगठन ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में मंदिर परिसरों के आसपास आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इन अस्पतालों को उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

यह पहल धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा के समन्वय का एक नया मॉडल प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


‘शाश्वत प्रांगण’ से सामाजिक समरसता को मिलेगा विस्तार

संगठन की प्रमुख योजनाओं में “शाश्वत प्रांगण” विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसके माध्यम से मंदिरों को सामाजिक संवाद, सामुदायिक सहयोग और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस पहल से समाज में आपसी सहयोग, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।


‘शाश्वत कार्ड’ और ‘आशीर्वाद कार्ड’ से जुड़ेंगे सामाजिक सहयोग के नए आयाम

प्रेस वार्ता के दौरान “शाश्वत कार्ड” को एक विशेष डेबिट कार्ड के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से किए गए प्रत्येक लेन-देन का एक हिस्सा मंदिर संरक्षण और सामाजिक सेवा कार्यों में लगाया जाएगा।

इसके साथ ही “आशीर्वाद कार्ड” को लॉयल्टी और रिवॉर्ड आधारित प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को विभिन्न संस्थानों में विशेष सुविधाएं और लाभ प्राप्त हो सकेंगे।


नई नियुक्तियों से संगठन को जिले में मिलेगा मजबूत आधार

संगठन के विस्तार के क्रम में अभिनव स्वरूप को जिला अध्यक्ष बनाए जाने को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन की गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

श्रवण अग्रवाल को जिला महामंत्री नियुक्त किए जाने से संगठनात्मक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।


आलोक स्वरूप की नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा संगठन का प्रभाव

आलोक स्वरूप को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने को संगठन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए संगठन ने उनसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई है।

प्रेस वार्ता के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि उनके अनुभव और नेतृत्व से संगठन की योजनाओं को व्यापक स्तर पर क्रियान्वित करने में सहायता मिलेगी।


आर्थिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय पर जोर

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित रहना नहीं बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आर्थिक रूप से सशक्त समाज का निर्माण करना है। आधुनिक तकनीक जैसे फिनटेक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से मंदिर आधारित आर्थिक तंत्र विकसित करने की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह मॉडल समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ते हुए एक सहयोगात्मक व्यवस्था विकसित करने का प्रयास माना जा रहा है।


समरस समाज निर्माण को बताया संगठन का प्रमुख लक्ष्य

संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान का उद्देश्य समाज में जाति, क्षेत्र, भाषा और अन्य विभाजनकारी प्रवृत्तियों को समाप्त कर समरसता स्थापित करना है। संगठन ऐसे सभी सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहा है जो सामाजिक उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।


शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान द्वारा Muzaffarnagar में मंदिर आधारित सामाजिक-आर्थिक मॉडल की घोषणा और आलोक स्वरूप को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा अभिनव स्वरूप को जिला अध्यक्ष बनाए जाने से संगठन के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि स्वदेशी बाजार, शाश्वत प्रांगण और सामाजिक सेवा आधारित योजनाओं के माध्यम से समाज में समरसता और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का लक्ष्य सामने रखा गया है।





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