Muzaffarnagar electric shock death की यह हृदयविदारक घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर शहर में बुधवार सुबह सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और सुबह की शांति के बीच अचानक उठी चीख-पुकार ने मोहल्ले के लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि रोजमर्रा का एक साधारण काम – नहाने के लिए पानी गर्म करना – इतना बड़ा और जानलेवा हादसा बन जाएगा।


🔴 उत्तरी रामपुरी में मातम में बदली सुबह

नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला उत्तरी रामपुरी, गली नंबर तीन में सुबह का वक्त था। ठंड से बचने के लिए अधिकांश लोग अपने घरों में थे। इसी दौरान हलवाई का काम करने वाले विनोद कुमार पाल के घर से अचानक चीखें सुनाई दीं। लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक घर के अंदर ऐसा मंजर बन चुका था, जिसने देखने वालों की रूह तक कंपा दी।

21 वर्षीय निधि, जो घर में स्नान के लिए पानी गर्म कर रही थी, बाल्टी में डाली गई इलेक्ट्रिक रॉड से पानी का तापमान जांचने लगी। इसी पल तकनीकी खराबी के कारण रॉड में करंट फैल गया। तेज झटका लगते ही निधि चीख पड़ी और वहीं फंस गई।


🔴 बहन को बचाने की कोशिश बनी जानलेवा

बड़ी बहन की चीख सुनते ही 16 वर्षीय छोटी बहन लक्ष्मी उसे बचाने के लिए दौड़ी। परिवार को उम्मीद थी कि शायद वह किसी तरह उसे अलग कर लेगी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। लक्ष्मी जैसे ही निधि के पास पहुंची, वह भी उसी करंट की चपेट में आ गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करंट इतना तेज था कि इलेक्ट्रिक रॉड फट गई, जिससे हालात और भयावह हो गए। कुछ ही पलों में दोनों बहनें जमीन पर निढाल होकर गिर पड़ीं। घर में अफरा-तफरी मच गई, लोग चीखते-चिल्लाते उन्हें बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।


🔴 अस्पताल पहुंचने से पहले बुझ गई दो जिंदगियां

परिजन और मोहल्ले के लोग दोनों बहनों को आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। रास्ते भर सिर्फ यही दुआ थी कि शायद डॉक्टर कुछ कर सकें। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

Muzaffarnagar electric shock death की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए ऐसा आघात बन गई, जिससे उबर पाना आसान नहीं होगा।


🔴 पढ़ाई और सपनों से भरा था भविष्य

स्थानीय सभासद रजत धीमान ने बताया कि मृतका निधि बीएससी नर्सिंग की छात्रा थी और अपने भविष्य को लेकर बेहद गंभीर थी। वह परिवार की उम्मीदों का केंद्र थी। वहीं छोटी बहन लक्ष्मी भी पढ़ाई कर रही थी और जीवन में आगे बढ़ने के सपने देख रही थी।

दोनों बहनों की मेहनत, सपने और भविष्य एक ही झटके में खत्म हो गए। मोहल्ले के लोग यह सोचकर सिहर उठे कि एक पल में सब कुछ कैसे बदल सकता है।


🔴 मोहल्ले में सन्नाटा, घर-घर मातम

इस दोहरी मौत के बाद पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। जहां सुबह तक चहल-पहल रहती थी, वहां अब सिर्फ आंसुओं और सिसकियों की आवाजें थीं। पड़ोसी, रिश्तेदार और जानने वाले लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचते रहे, लेकिन माता-पिता का दर्द शब्दों से परे था।

परिजनों ने इस मामले में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया और दोनों बहनों के शवों को घर लाकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।


🔴 श्मशान घाट पहुंचे मंत्री, मदद का भरोसा

घटना की जानकारी मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल भी जनकपुरी श्मशान घाट पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मंत्री ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


🔴 इलेक्ट्रिक उपकरणों की सुरक्षा पर फिर सवाल

Muzaffarnagar electric shock death की इस घटना ने एक बार फिर घरेलू इलेक्ट्रिक उपकरणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्दियों में पानी गर्म करने के लिए इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक रॉड अक्सर बिना मानक जांच के चलती रहती हैं। थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी खराबी जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे हादसों से सबक लेते हुए जागरूकता अभियान चलाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न सहना पड़े।


मुजफ्फरनगर करंट हादसे में दो सगी बहनों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना याद दिलाती है कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले साधारण उपकरण भी कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। एक ही घर से उठी दो अर्थियों ने यह सवाल छोड़ दिया है कि क्या थोड़ी सी सतर्कता ऐसे दर्दनाक हादसों को रोक सकती थी।



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