जानसठ। मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar) हाल के दिनों में भारतीय राजनीति में युवाओं की भूमिका बढ़ती जा रही है। ऐसे में, मुजफ्फरनगर के बिहारी गांव में आयोजित एक बैठक ने इस बात को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। क्रांतिसेना के सदस्यों ने 50 से अधिक युवाओं को संगठन में शामिल किया, जो हिंदू समुदाय के हितों के लिए एकजुटता का प्रतीक है। इस बैठक में मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने हिंदू युवाओं की बेरोजगारी और मुस्लिम समुदाय की बढ़ती आबादी को गंभीर चिंता का विषय बताया।
मुसलमानों की बढ़ती आबादी
शरद कपूर ने कहा कि मुसलमानों की बढ़ती आबादी ने समाज में कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार इस समस्या को रोकने में असफल रही है। “हिंदू युवाओं की बेरोजगारी और मुस्लिम तुष्टिकरण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है,” उन्होंने कहा। उनकी राय में, सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बीजेपी सरकार पर आरोप
बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा ने “सबका साथ, सबका विकास” के नारे के तहत हिंदू समुदाय को ठगने का काम किया है। शरद कपूर ने कहा, “यदि भाजपा ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया, तो आने वाले चुनाव में उनकी हार निश्चित है।” इस प्रकार, उन्होंने पार्टी को चेतावनी दी कि अगर वह अपने फैसलों में बदलाव नहीं लाएगी तो इसका नकारात्मक असर होगा।
युवाओं की एकता
इस बैठक में जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी ने हिंदू युवाओं को क्रांतिसेना के झंडे के नीचे एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “क्रांतिसेना ही एक ऐसा संगठन है जो जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करता है।” उनके अनुसार, सरकारी दफ्तरों में आम जनता का उत्पीड़न हो रहा है, जिसे रोकने की आवश्यकता है।
आगामी विराट रैली
बैठक में यह भी घोषणा की गई कि दीपावली के बाद क्रांतिसेना की अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा के नेतृत्व में एक विराट रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में सहारनपुर मंडल के हजारों कार्यकर्ता भाग लेंगे। यह रैली हिंदू हितों को आगे बढ़ाने और युवाओं की आवाज को मजबूती देने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगी।
सदस्यता लेने वाले युवा
बैठक में शामिल युवाओं में नीरज, मनीष, दीपक, प्रमोद सैनी, अभिषेक प्रजापति, और कई अन्य शामिल थे। इन सभी को मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी, और युवा ब्लाक अध्यक्ष योगेंद्र सैनी द्वारा क्रांतिसेना की सदस्यता दिलाई गई।
समाज में जागरूकता का महत्व
इस प्रकार की बैठकों का आयोजन केवल संगठन की सदस्यता बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का भी एक प्रयास है। युवा शक्ति का सही उपयोग और उनकी समस्याओं को समझना आवश्यक है। भारत की युवा जनसंख्या को उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।
बिहारी गांव की यह बैठक केवल एक संगठन की बैठक नहीं थी, बल्कि यह हिंदू युवाओं के बीच एकजुटता की भावना का प्रतीक है। क्रांतिसेना जैसे संगठन, जो समाज की समस्याओं को उठाते हैं, भविष्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि ये संगठन अपनी दिशा और प्राथमिकताओं को सही तरीके से निर्धारित कर सकें, तो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सफल होंगे।
हिंदू समुदाय की आवाज को उठाने के लिए ऐसे प्रयासों की आवश्यकता है ताकि एक सशक्त और संगठित युवा वर्ग का निर्माण हो सके। यही आज की आवश्यकता है, जिससे न केवल हिंदू युवाओं का भला हो, बल्कि समग्र समाज को भी लाभ मिले। इस प्रकार, मुजफ्फरनगर में हुई यह बैठक एक नई उम्मीद लेकर आई है, जो हमें यह सिखाती है कि संगठन और एकता में ही शक्ति है।