Khatauli /Muzaffarnagar क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। खतौली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चर्चा का विषय बना यह चुनाव अब केवल बैंक प्रबंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, सहकारी संस्थाओं और स्थानीय नेतृत्व के भविष्य से जुड़ा अहम मुद्दा बन चुका है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान जिस तरह से समर्थकों की भीड़, नारेबाजी और नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली, उसने साफ कर दिया कि यह चुनाव क्षेत्रीय राजनीति और ग्रामीण विकास की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।
🔴 शांतिपूर्ण माहौल में नामांकन प्रक्रिया, दिखी लोकतांत्रिक गरिमा
निर्धारित कार्यक्रम के तहत भूमि विकास बैंक के आगामी चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। चुनाव अधिकारी प्रदीप कुमार और सहायक रिटर्निंग अधिकारी (एआरओ) सुनील कुमार की देखरेख में प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का शांतिपूर्ण और पारदर्शी नामांकन लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। ग्रामीण मतदाताओं में भी यह भरोसा बढ़ा है कि उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जा रहा है।
🔴 मैदान में चार दावेदार, क्षेत्रीय संतुलन की झलक
इस बार चुनावी मैदान में चार प्रमुख प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इनमें श्रषिपाल भाटी (खतौली), सतेन्द्र (मीरापुर), आदेश कुमार (नौना) और नरेश कुमार (तुलसीपुर) शामिल हैं। इन प्रत्याशियों का संबंध अलग-अलग क्षेत्रों से होने के कारण चुनाव में क्षेत्रीय संतुलन और व्यापक प्रतिनिधित्व की झलक साफ दिखाई दे रही है।
हर प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नामांकन स्थल पर पहुंचा, जहां पारंपरिक अभिवादन, फूल-मालाओं और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच नामांकन पत्र दाखिल किए गए। समर्थकों का उत्साह यह दर्शाता है कि इस चुनाव को लेकर ग्रामीण समाज में कितनी गहरी दिलचस्पी है।
🔴 किसानों से सीधा संवाद, मतदान की अपील
नामांकन के बाद प्रत्याशियों ने भूमि विकास बैंक से जुड़े सभी सदस्यों और मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसके माध्यम से मिलने वाली ऋण सुविधाएं, विकास योजनाएं और सहकारी गतिविधियां सीधे तौर पर खेतों और गांवों की तरक्की से जुड़ी होती हैं।
प्रत्याशियों ने यह भी कहा कि यदि सदस्य सक्रिय रूप से मतदान करेंगे, तो एक ऐसा नेतृत्व चुना जा सकेगा जो किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दे और बैंक को और मजबूत बनाए।
🔴 ग्रामीण विकास और ऋण व्यवस्था पर बड़ा फोकस
Khatauli Land Development Bank election में इस बार मुख्य मुद्दा किसानों को मिलने वाली ऋण सुविधा और बैंक की पारदर्शिता है। प्रत्याशियों ने अपने संबोधन में कहा कि उनका लक्ष्य किसानों को सरल, सुलभ और समय पर ऋण उपलब्ध कराना होगा, ताकि खेती से जुड़े छोटे और मध्यम किसान भी आर्थिक मजबूती हासिल कर सकें।
इसके साथ ही, ग्रामीण विकास योजनाओं में बैंक की भूमिका को और प्रभावी बनाने का वादा किया गया। सड़क, सिंचाई, जल प्रबंधन और कृषि यंत्रों के लिए वित्तीय सहायता जैसे विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
🔴 सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी
नामांकन के दौरान क्षेत्र के कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक व्यक्ति मौजूद रहे, जिनमें रवा राजपूत मनोज चैहान, दीपक चैहान, प्रवेश लटूरा, गौतम (प्रमुख), सुनील प्रधान (दूधली), राजू अहलावत, मनोज लोहढा, भगवानदास सरपंच, यशपाल प्रधान, पहलाद राणा, अनुज शेहरावत, प्रमोद अन्ना, सुधीर पुंडीर, सुबे सिंह राणा, रामबीर, अनंती, योगेश बरसात, अमित त्यागी और सत्यव्रत सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
इन सभी की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि यह चुनाव केवल बैंक तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक और राजनीतिक महत्व भी रखता है।
🔴 समर्थकों में उत्साह, गांव-गांव तक पहुंचने की तैयारी
नामांकन प्रक्रिया के बाद प्रत्याशियों के समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई जगहों पर बैठकों और जनसंपर्क अभियानों की योजना बनाई जा रही है। प्रत्याशी गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद करने और अपने विकास एजेंडे को साझा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार का चुनाव पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय और जागरूक माहौल में हो रहा है, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और मजबूत होगी।
🔴 प्रशासन की तैयारी और आगामी प्रक्रिया
चुनाव अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आगे की सभी चुनावी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों और समय-सारणी के अनुसार संपन्न कराई जाएंगी। मतदान की तिथि को लेकर जल्द ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही, मतदाता सूची की अंतिम समीक्षा और मतदान केंद्रों की व्यवस्था पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
प्रशासन ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे चुनाव के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखें, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
🔴 किसानों की उम्मीदें और भविष्य की दिशा
Khatauli Land Development Bank election को लेकर किसानों की उम्मीदें काफी ऊंची हैं। उनका कहना है कि बैंक का नेतृत्व ऐसा होना चाहिए, जो केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव ला सके। खेती की लागत, फसल बीमा, आधुनिक तकनीक और बाजार तक पहुंच जैसे मुद्दों पर भी बैंक की भूमिका अहम मानी जा रही है।
यह चुनाव इस बात का संकेत देगा कि ग्रामीण समाज किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है—पारदर्शिता, सहभागिता और विकास के साथ।
खतौली में भूमि विकास बैंक के चुनाव ने गांवों और खेतों से लेकर शहर की चौपालों तक चर्चा को तेज कर दिया है। चार प्रत्याशियों के बीच यह मुकाबला केवल पद का नहीं, बल्कि किसानों के भविष्य, ग्रामीण विकास और सहकारी व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आएगी, यह चुनाव क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक चेतना को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
