Muzaffarnagar /Khatauli cold wave relief अभियान के तहत बढ़ती ठंड के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव स्थलों और रैन बसेरों की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो। इसी कड़ी में उपजिलाधिकारी निकिता शर्मा के नेतृत्व में नायब तहसीलदार राजीव त्यागी ने नगर क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया और ठंड से बचाव की तैयारियों का जायजा लिया।
🔴 अलाव स्थलों और रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण
प्रशासनिक टीम ने जानसठ रोड चौराहे, रेलवे स्टेशन और आसपास के प्रमुख इलाकों में स्थापित अलाव स्थलों का निरीक्षण किया। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि अलाव पर्याप्त मात्रा में जल रहे हों और जरूरतमंद लोगों तक गर्मी पहुंच सके। रेलवे स्टेशन पर रात के समय रुकने वाले यात्रियों और बेसहारा लोगों से भी बातचीत की गई, ताकि उन्हें रैन बसेरों की जानकारी दी जा सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नगर पालिका और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अलाव की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और नियमित अंतराल पर ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
🔴 मानवीय पहल: बेसहारा व्यक्ति को रैन बसेरे तक पहुंचाया
Khatauli cold wave relief अभियान के दौरान जानसठ रोड चौराहे पर खुले में सो रहे एक बेसहारा व्यक्ति को देखकर नायब तहसीलदार राजीव त्यागी ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने उस व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाया और नगर पालिका द्वारा संचालित रैन बसेरे में सुरक्षित रूप से भिजवाया।
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि इंसानियत का उदाहरण है।
🔴 नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
प्रशासनिक टीम ने इसके बाद नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाया। खुले आसमान के नीचे सो रहे लोगों को जागरूक किया गया और उन्हें रैन बसेरों तक पहुंचाया गया। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया कि वे ठंड से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का लाभ उठाएं।
Khatauli cold wave relief के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया कि जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और कंबल मिलें, ताकि वे रात के समय ठंड से सुरक्षित रह सकें।
🔴 नायब तहसीलदार की अपील: सुरक्षा पहले
नायब तहसीलदार राजीव त्यागी ने आमजन से अपील की कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए। उन्होंने कहा कि ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और रैन बसेरों में उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करें।
उन्होंने यह भी बताया कि शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों ने मिलकर रैन बसेरों की समुचित व्यवस्था की है। महिलाओं के लिए अलग रैन बसेरे की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में रात बिता सकें।
🔴 कंबल वितरण और विभागीय समन्वय
Khatauli cold wave relief अभियान के तहत तहसील स्तर से जरूरतमंदों को कंबल वितरण की व्यवस्था की गई है। नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के बीच समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने में देरी न हो।
अधिकारियों का कहना है कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि ये वर्ग सर्दी से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
🔴 आमजन की प्रतिक्रिया: प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल की खुले दिल से सराहना की है। कई नागरिकों ने कहा कि इस तरह के अभियान समाज में भरोसा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। उनका मानना है कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाना कहीं ज्यादा आसान हो जाता है।
Khatauli cold wave relief को लेकर सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने भी आगे आकर प्रशासन का सहयोग करने की इच्छा जताई है।
🔴 ठंड से निपटने की व्यापक रणनीति
प्रशासन की योजना केवल अलाव और रैन बसेरों तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रखा गया है, ताकि ठंड से संबंधित बीमारियों के मामलों में त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। एंबुलेंस सेवाओं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समन्वित रणनीति से ठंड के मौसम में होने वाली जान-माल की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
🔴 सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल
Khatauli cold wave relief अभियान ने यह दिखाया है कि प्रशासनिक व्यवस्था केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय संवेदनाएं भी शामिल हैं। बेसहारा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें गर्मी व सम्मान का एहसास कराना इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
Khatauli cold wave relief अभियान ने ठंड की सख्त रातों में इंसानियत की गर्माहट पहुंचाने का काम किया है। अलाव की लौ से लेकर रैन बसेरों की छत तक, प्रशासन की यह पहल उन लोगों के लिए नई उम्मीद बन रही है, जिनके पास सिर छुपाने की जगह और सर्दी से बचने के साधन नहीं हैं।
