Muzaffarnagar Virat Hindu Sammelan Khatauli का आयोजन रविवार को नगर के आर्यन वैकट हॉल में पूरे भव्य और गरिमामय वातावरण के साथ संपन्न हुआ। इस सम्मेलन ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी, बल्कि समाज में एकता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के संदेश को भी मजबूती से आगे बढ़ाया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक संरक्षण का यह मंच हर वर्ग के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण बनता जा रहा है।
🔴 वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ, आध्यात्मिक माहौल
सम्मेलन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिससे पूरे सभागार में आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। दीप की लौ के साथ ही वक्ताओं और उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 1008 महामंडलेश्वर मैत्रेयी गिरी महाराज रहीं, जिनके सान्निध्य ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। सम्मेलन की अध्यक्षता वैभव जैन ने की, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी चन्द्र मोहन शर्मा ने निभाई।
🔴 समाज की एकता पर जोर, विभाजन के खिलाफ संदेश
Virat Hindu Sammelan Khatauli के मंच से वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर गहन विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को एकजुट रहकर कुरीतियों, धर्मांतरण और सामाजिक विभाजन जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब समाज संगठित होता है, तभी वह अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों की रक्षा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आपसी संवाद, सहिष्णुता और सेवा भावना ही किसी भी समुदाय को मजबूत बनाती है।
🔴 युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की अपील
सम्मेलन के दौरान युवाओं को विशेष रूप से संबोधित किया गया। उन्हें अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को जानने और समझने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा ही किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
Virat Hindu Sammelan Khatauli में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि शिक्षा, सेवा और संस्कार—ये तीन स्तंभ हैं जिन पर एक सशक्त और समृद्ध समाज की नींव रखी जा सकती है।
🔴 शिक्षा, सेवा और संस्कार पर गहन चर्चा
सम्मेलन में शिक्षा के महत्व पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी आधार है। सेवा भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
संस्कारों को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने की बात करते हुए कहा गया कि परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चों में नैतिकता, करुणा और देशभक्ति के मूल्य रोपे जाएं।
🔴 “एक रहेंगे, तो सुरक्षित रहेंगे” का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने “एक रहेंगे, तो सुरक्षित रहेंगे” का संदेश दोहराते हुए समाज और राष्ट्र के हित में काम करने का संकल्प लिया। यह नारा न केवल एकता का प्रतीक बना, बल्कि भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संकेत भी।
Virat Hindu Sammelan Khatauli के इस संकल्प को लेकर प्रतिभागियों ने कहा कि समाज की मजबूती ही देश की मजबूती है।
🔴 शांतिपूर्ण और अनुशासित आयोजन, जनसहभागिता का उदाहरण
सम्मेलन पूरे समय शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन सामाजिक समरसता का उदाहरण बन गया।
🔴 प्रमुख उपस्थिति और सामाजिक प्रतिनिधित्व
कार्यक्रम में कई सामाजिक और स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। इनमें पंकज भटनागर, डॉ. राजपाल पंडित, डॉक्टर त्यागी, डॉक्टर दिनेश चंद्र, मनोज अग्रवाल, निर्मल जैन, संजय भुर्जी, संजीव मिश्रा, प्रताप वाल्मीकि, सुनील वर्मा, आलोक, अंकित, सत्यम, प्रभात, संजय सनातन, सुनील उपाध्याय, राजू उपाध्यक्ष, प्रवीण ठकराल, प्रमोद धीमान, सोनू ठाकुर, अभिषेक इलाहाबाद, विनय चौधरी, बृजेश राजपूत, संजय गोस्वामी, अनुभव कौशिक, अभय जैन सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।
इन सभी की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक सामाजिक समर्थन और विविधता का स्वरूप प्रदान किया।
🔴 स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रभाव
Virat Hindu Sammelan Khatauli का असर केवल कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी इसकी चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने इसे सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
कई प्रतिभागियों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
🔴 भविष्य के लिए संदेश और दिशा
सम्मेलन के दौरान यह भी कहा गया कि भविष्य में ऐसे और आयोजन किए जाएंगे, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाया जा सके। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि सामाजिक समस्याओं पर खुलकर चर्चा और सामूहिक समाधान की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
Virat Hindu Sammelan Khatauli केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के भीतर संवाद, एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की एक पहल के रूप में उभरा। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की संयुक्त भागीदारी ने यह संदेश दिया कि जब समाज एक साथ खड़ा होता है, तब वह हर चुनौती का सामना मजबूती और आत्मविश्वास के साथ कर सकता है।
