Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple के निर्माण की दिशा में शनिवार को ऐतिहासिक कदम उठाया गया, जब पावन तीर्थस्थल शुक्रतीर्थ – शुक्रताल की आध्यात्मिक धरा पर वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मंदिर की आधारशिला रखी गई। यह आयोजन केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार का प्रतीक बनकर सामने आया।


🔴 वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ भूमि पूजन

शुक्रताल स्थित श्री श्री 1008 श्री रघुवीर जी नागा बाबा टिल्ला दशणाम जूना अखाड़ा संन्यास आश्रम परिसर में आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।

Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple के भूमि पूजन के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज, पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। संत-महात्माओं की उपस्थिति और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने आयोजन को विशेष बना दिया।


🔴 आस्था का केंद्र बनेगा नया मंदिर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple का निर्माण केवल ईंट और पत्थरों का ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के संरक्षण और समाज में सेवा भावना को सुदृढ़ करने का दिव्य संकल्प है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाबा खाटू श्याम की कृपा से यह मंदिर भविष्य में श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बनेगा और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयां देगा। संतों के सान्निध्य में संपन्न यह आयोजन समाज में एकता, धर्म और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करेगा।


🔴 शुक्रतीर्थ के इतिहास में नया अध्याय

Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple की आधारशिला को स्थानीय लोग शुक्रतीर्थ के इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में देख रहे हैं। गंगा तट पर स्थित यह पवित्र स्थल पहले से ही धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अब यहां खाटू श्याम मंदिर के निर्माण से धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम मिलने की संभावना है।

श्रद्धालुओं ने इसे सौभाग्यपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि मंदिर निर्माण से क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों, धार्मिक आयोजनों और आध्यात्मिक संवाद को बढ़ावा मिलेगा।


🔴 संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्मा, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भूमि पूजन के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, समर्पण और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple के इस शुभारंभ ने श्रद्धालुओं के मन में उत्साह और विश्वास की नई ऊर्जा का संचार किया।


🔴 प्रसाद वितरण और समाज कल्याण की कामना

भूमि पूजन के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया और समस्त समाज की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं ने बाबा खाटू श्याम के जयकारों के साथ इस पावन अवसर को ऐतिहासिक बताया।

Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple के निर्माण से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि धार्मिक पर्यटन और तीर्थ यात्रियों की संख्या में वृद्धि संभावित है।


🔴 धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि शुक्रताल में खाटू श्याम मंदिर बनने से यह क्षेत्र उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। इससे न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

Muzaffarnagar Khatu Shyam Temple आने वाले समय में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का प्रतीक बन सकता है।


मुजफ्फरनगर खाटू श्याम मंदिर की आधारशिला के साथ शुक्रतीर्थ-शुक्रताल की पावन भूमि पर आस्था का नया दीप प्रज्वलित हुआ है। यह पहल केवल धार्मिक निर्माण नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के विस्तार का संदेश देती है। आने वाले वर्षों में यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

 



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