Muzaffarnagar जब चरथावल–थानाभवन मार्ग पर विकासखंड कार्यालय के सामने आवारा पशुओं के आपस में भिड़ने से अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने कुछ ही देर में सड़क पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया और राहगीरों के लिए स्थिति जोखिमपूर्ण बन गई।
🔴 अचानक सड़क पर आए पशु, वाहन चालकों में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आवारा पशु अचानक सड़क पर आ गए और आपस में भिड़ने लगे। तेज आवाज़ों और उग्र व्यवहार के कारण वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई चालकों को अपने वाहन बीच सड़क पर ही रोकने पड़े, जबकि कुछ ने किसी तरह वाहन किनारे लगाकर स्थिति संभाली।
दुपहिया वाहन सवारों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े, जिससे पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने का खतरा भी पैदा हो गया। कुछ क्षणों के लिए मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बन गई और लोग असमंजस में फंसे रहे कि आगे बढ़ें या पीछे लौटें।
🔴 हादसे की आशंका, लेकिन टली बड़ी दुर्घटना
Charthawal stray cattle की इस घटना के दौरान सबसे बड़ा खतरा दुपहिया और पैदल राहगीरों के लिए बना रहा। सड़क पर पशुओं की लड़ाई के कारण संतुलन बिगड़ने की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय कोई तेज रफ्तार वाहन होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हालांकि, राहगीरों और वाहन चालकों की सतर्कता के चलते कोई गंभीर दुर्घटना नहीं हुई, लेकिन डर और अव्यवस्था का माहौल लंबे समय तक बना रहा।
🔴 लंबे समय से बनी है आवारा पशुओं की समस्या
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चरथावल–थानाभवन मार्ग पर आवारा पशुओं की समस्या कोई नई नहीं है। आए दिन पशु सड़क पर बैठे या घूमते दिखाई देते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। जब ये पशु आपस में भिड़ जाते हैं, तो खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का व्यस्त मार्ग है, जहां से सरकारी कार्यालयों, बाजार और आसपास के गांवों के लिए लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में आवारा पशुओं की मौजूदगी न केवल असुविधा, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
🔴 प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
Charthawal stray cattle की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कड़ी मांग की है कि इन आवारा पशुओं को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और सुरक्षित स्थान या गौशाला में भेजा जाए। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए स्थायी और प्रभावी योजना की आवश्यकता है।
नागरिकों ने सुझाव दिया कि नियमित निगरानी, पशुओं की पहचान और उन्हें नियंत्रित रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
🔴 खंड विकास अधिकारी का बयान
चरथावल खंड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के सहयोग से इन पशुओं को जल्द ही पकड़कर गौशाला में भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
🔴 ग्रामीण सड़कों पर बढ़ता खतरा
Charthawal stray cattle जैसी घटनाएं केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। सड़कों पर पशुओं की संख्या बढ़ने से यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की जान पर खतरा बना रहता है।
लोगों का मानना है कि जब तक इस समस्या का समुचित और दीर्घकालिक समाधान नहीं किया जाता, तब तक ऐसे हालात बार-बार सामने आते रहेंगे।
चरथावल–थानाभवन मार्ग पर आवारा पशुओं की भिड़ंत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सड़क सुरक्षा और जनसुरक्षा के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। समय रहते प्रभावी कार्रवाई न की गई, तो ऐसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती हैं।
