Muzaffarnagar के जानसठ कस्बे को गहरे शोक में डुबो दिया है। खेलते समय बिजली के ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से 5 वर्षीय मासूम सव्यन की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है और स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
घटना इतनी भयावह थी कि मासूम बुरी तरह झुलस गया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी थी।
खेलते-खेलते ट्रांसफार्मर के पास पहुंचा बच्चा, अचानक हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार जानसठ कस्बे में रहने वाला 5 वर्षीय सव्यन घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह अचानक पास में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर के नजदीक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर खुले और असुरक्षित स्थान पर स्थापित था। जैसे ही बच्चा उसके संपर्क में आया, वह तेज करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक हादसा हो चुका था।
पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की सूचना मिलते ही थाना जानसठ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल मासूम को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई।
मासूम सव्यन की मौत से पूरे कस्बे में पसरा मातम
Muzaffarnagar transformer accident के बाद जानसठ कस्बे में शोक का माहौल बन गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और आसपास के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सव्यन बेहद चंचल और मिलनसार स्वभाव का बच्चा था, जिसकी अचानक हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर लंबे समय से खुले और असुरक्षित हालात में रखा गया था।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यदि ट्रांसफार्मर को सुरक्षित तरीके से घेराबंदी कर लगाया गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
खतरनाक ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा को लेकर उठी मांग
Muzaffarnagar transformer accident के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए जो खुले स्थानों पर लगे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर बिना सुरक्षा घेराबंदी के लगे हैं, जो बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही थाना जानसठ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की है।
प्राथमिक जांच के आधार पर पूरे मामले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है और संबंधित विभागों से भी जानकारी ली जा रही है।
लापरवाही की पुष्टि होने पर कार्रवाई की उम्मीद
Muzaffarnagar transformer accident के बाद स्थानीय प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
ऐसे हादसे रोकने के लिए सुरक्षा उपायों पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में लगाए गए ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत घेराबंदी और चेतावनी संकेत लगाना जरूरी होता है।
ऐसे सुरक्षा उपाय न केवल बच्चों बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी बेहद आवश्यक हैं।
जानसठ कस्बे में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित ट्रांसफार्मरों की समस्या को गंभीरता से सामने ला दिया है। मासूम सव्यन की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और स्थानीय लोग अब जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
